कतर्नियाघाट सेंक्चुरी वन्यजीव संपदा की दृष्टि से धनी है। यहां करीब 58 बाघ, 150 तेंदुए और 150 हाथी हैं। वहीं 2026 में होने वाली गणना में यह संख्या दोगुनी होने का अनुमान है। यही कारण है कि कतर्निया के बाघ और तेंदुओं पर शिकारियों की नजर रहती है। बृहस्पतिवार को दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में वन विभाग और यूपी एसटीएफ बरेली की टीम ने छापा मारकर वन्यजीव तस्कर भागीराम और प्रकाश चौधरी को पकड़ा था। नेपाल के गोदावरी जिले के कैलाली निवासी इन तस्करों के कब्जे से बाघ के 04 बड़े दांत, 13 छोटे दांत, 18 नाखून और बाघ के जबड़े की तीन हड्डियां बरामद हुई थीं। इस बीच शुक्रवार को लघुशंका के बहाने भागीराम भाग निकला।
कतर्नियाघाट
के रास्ते नेपाल भागने की आशंका
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार भागीराम कतर्नियाघाट जंगल के रास्ते नेपाल सीमा में प्रवेश कर सकता है। ऐसे में नेपाल सीमा से सटे जंगल के रास्तों पर निगरानी की जा रही है।
पूरे क्षेत्र में अलर्ट है। एक माह से एसएसबी के साथ मिलकर जांच की जा रही है। सभी आने-जाने वाले वाहनों पर निगाह है। इसके साथ ही जंगल में आने-जाने वाले मार्ग पर 10 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। -
बी शिवशंकर, डीएफओ कतर्नियाघाट