केंद्र पर एक चिकित्सीय स्टाफ व एक एएनएम की होगी तैनाती
ग्रामीण इलाके के लोगों को मिल सकेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
बहराइच। गांव-गांव स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य एवं जन आरोग्य केंद्र बनना है। जिले में 296 केंद्र बनेंगे। इसके लिए विभाग ने काम शुरू किया है। इससे लोगों को गांव में ही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इन केंद्रों में एक चिकित्सीय स्टाफ के साथ एक एएनएम की भी तैनाती होगी। ऐसे में मामूली बीमारी से ग्रसित लोगों को गांव में ही डॉक्टरी सलाह व दवाओं की सुविधा मिल सकेगी।
जिले में समय मेडिकल कॉलेज के साथ 16 सीएचसी है और कई पीएचसी भी है। इन जगहों पर लोगों को इलाज की सुविधा दी जाती है। लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्र में तमाम ऐसे इलाके है जहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। लोगों को इलाज के लिए 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गांव में स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।
पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायतों में यह खोले जाएंगे। इसके लिए एक कमरे का भवन भी बनेगा। यहां पर एक बीएससी नर्सिंग कोर्स किए चिकित्सीय कर्मचारी व एक एएनएन की भी तैनाती की जाएगी। ऐसे में मामूली रूप से बीमार मरीजों को उनके गांव में ही बड़ी आसानी से इलाज की सुविधा मिल जाएगी। यहां पर 296 केंद्र बनने है। इनमें से 138 जगहों का चयन भी कर लिया गया है। यहां पर कुछ जगहों पर यह केंद्र बनने शुरू भी हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इन केंद्रों को बनवाने से लेकर इनके जल्द से जल्द संचालन की प्रक्रिया शुरू कराने में तेजी से काम कर रहा है। संवाद
गांव में ही मिलेगी उपचार की सुविधा
ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सके इसके लिए जिले में 296 स्वास्थ्य एवं जन आरोग्य केंद्र बनाए जाने हैं। यहां पर एक चिकित्सीय स्टॉफ के साथ एक एएनएम की तैनाती रहेगी। यह केंद्र संचलित होने से लोगों को गांव में ही उपचार की सुविधा मिलेगी। पांच हजार की आबादी वाले गांव में यह केंद्र बनेंगे।-डॉ एसके सिंह, सीएमओ