भारत-नेपाल सीमा पर स्थित फुलटेकरा गांव में शनिवार देर रात अचानक आग लगने से 200 ग्रामीणों के मकान धू-धूकर जल गए। आग बुझाने और सामान निकालने के चक्कर में वृद्धा समेत छह लोग झुलस गए। आग की चपेट में आकर 80 मवेशी भी जिंदा जल गए। हादसे में दो करोड़ की संपत्ति राख होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सूचना के बाद तहसीलदार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नेपाल से आए दमकल वाहनों ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
नवाबगंज थाना क्षेत्र का फुलटेकरा गांव भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है। गांव निवासी राधेश्याम के घर में शनिवार देर शाम खाना बन रहा था। इसी दौरान चूल्हे की चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। परिवार के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए।
चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े, लेकिन तब तक आग की लपटों ने पराग, सुमित, आदर्श, बाबादीन, साबितराम, राममिलन, लल्लन, बृजेश, राजकुमार, बरातीलाल, विक्की समेत 200 ग्रामीणों के मकान को चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर आग की लपटों पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। नवाबगंज थाने को घटना की सूचना दी गई, लेकिन कोई मदद मिलते न देख पड़ोस में नेपाल पुलिस को अवगत कराया गया। इसके बाद नेपाल से दो दमकल वाहन पहुंचे। रात 9:30 बजे नेपाली दमकल वाहनों ने किसी तरह आग को फैलने से रोका।
सूचना पाकर तहसीलदार नानपारा घनश्याम, नवाबगंज थानाध्यक्ष सूरज प्रसाद के साथ मौके पर पहुंचे। तहसीलदार के मुताबिक गांव में 300 मकान हैं। उनमें से 200 मकान व उनमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने कहा कि जांच-पड़ताल की जा रही है।
वहीं, आग की चपेट में आकर झुलसे राधेश्याम, सुमित, आदर्श, राममिलन, रिंकू और अमृतलाल की 65 वर्षीय पत्नी को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। वहीं, आग की चपेट में आकर ग्रामीणों के 80 मवेशियों की झुलसकर मौत हो गई।
उधर, कैसरगंज तहसील क्षेत्र के गोड़हिया गांव निवासी ढेम्मन के घर में शुक्रवार देर रात अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई। गांव के लोग दौड़े, लेकिन तब तक जगदीश, पार्वती, ननके, बाउर, लल्लन, रन्नो समेत 11 ग्रामीणों के मकान आग की चपेट में आ गए और सारा सामान धू-धूकर जल गया।
उधर, इसी तहसील क्षेत्र के जरवलरोड थाना अंतर्गत आदमपुर बंधा निवासी बाढ़ पीड़ित मुन्नी देवी के घर में रात में अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिससे सारा सामान जल गया। कुछ दूरी पर स्थित ग्राम तकिया मुड़ियाडीह में रात करीब दो बजे ननकऊ के मकान में आग लग गई। ग्रामीण जब तक आग बुझाने का प्रयास करते, तब तक आग ने पड़ोसी शिवनाथ चौहान, राम कुंवारे के मकानों को भी चपेट में ले लिया।
वहीं, हुजूरपुर के लोधनपुरवा निवासी संतोषी के घर से लगी आग से मातादीन, प्रसादी, प्रमोद, लल्लू, कीरत, परमिला समेत 13 ग्रामीणों के मकान जलकर राख हो गए। आग बुझाने के चक्कर में संतोषी, लल्लू और प्रसादी झुलस गए। उन्हें निजी चिकित्सकों के यहां भर्ती कराया गया है। आग से सभी ग्रामीणों के घर में रखा अनाज, कपड़ा, बर्तन, जेवर समेत सारा सामान जल गया।