शहर के नामचीनों से जुटाई थी मोटी रकम
शहर के एक जनप्रतिनिधि से भी 31 हजार रुपये सहयोग के रूप में लिए गए। जिनके पास जनता वैदिक काॅलेज का एक कर्मचारी ही आयोजकों को लेकर पहुंचा था। अन्य कई लोगों से इस तरह रुपये लिए गए। मगर कुश्ती जीतने के बाद भी पहलवानों को तय किया गया इनाम नहीं दिया गया।
पहलवानों के इनाम को आयोजक ले गए। उधर, कॉलेज प्रशासन के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी दंगल कराने वाले लोगों का पता लगाने में जुट गए हैं। आरोप है कि दंगल कराने में कॉलेज में कार्यरत एक कर्मचारी का सहयोग रहा।