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Baghpat News: कैंटर से बस की भिड़ंत में पहलवान की मौत, 15 घायल

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बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बड़ौली गांव के पास शनिवार दोपहर किनारे खड़े सीएनजी गैस के कैंटर से यात्रियों से भरी बस की भिड़ंत हो गई। हादसे में बस में सवार राज्य स्तरीय स्वर्ण पदक विजेता पहलवान जावेद (22) निवासी सरूरपुरकलां की मौत हो गई। वहीं पंद्रह यात्री घायल हो गए। लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बस से बाहर निकला। घायलों का बड़ौत सीएचसी, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में उपचार कराया गया।
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शामली से लोनी तक चलने वाली बस शनिवार दोपहर यात्रियों को लेकर जा रही थी। बस में बड़ौत से राज्य स्तरीय स्वर्ण पदक विजेता पहलवान जावेद, उनके साथी आदित्य सवार हुए तो अन्य करीब 40 यात्री उसमें पहले से सवार थे। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बस जैसे ही बड़ौली गांव से आगे पहुंची तो हाईवे किनारे खड़े सीएनजी गैस सिलिंडरों के कैंटर से टकरा गई। हादसे में बस सवार पहलवान जावेद की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके साथी आदित्य निवासी सरूरपुरकलां, बाबू निवासी खेकड़ा, बोहती निवासी जलालपुर, कृष्ण निवासी बड़ौली, सचिन निवासी सरूरपुरकलां, लक्ष्मी निवासी लोनी जिला गाजियाबाद समेत पंद्रह यात्री घायल हो गए। क्षेत्रीय लोगों ने घायलों को बस से निकालकर सीएचसी और निजी अस्पतालों में उपचार कराया। उधर, लक्ष्मी को जिला अस्पताल से मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया गया।
-पांच साल पहले अंडर-16 में जीता था स्वर्ण पदक
सरूरपुरकलां गांव के पहलवान जावेद अपने परिवार में चार भाइयों में सबसे छोटे थे। सोना पहलवान ने बताया कि जावेद बचपन से कुश्ती की प्रैक्टिस करने लगे थे। पांच साल पहले राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद से जावेद अभ्यास करते थे। शनिवार को किसी काम से अपने साथी आदित्य के साथ बड़ौत गए थे। वहां से वापस लौटते समय हादसा हो गया। घायल आदित्य की हालत भी गंभीर है और उनका मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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-सीएनजी के रिसाव से हो सकता था बड़ा हादसा
सीएनजी गैस सिलिंडरों के कैंटर से मिनी बस की भीषण भिड़ंत में कई सिलिंडर नीचे भी गिर गए। वहां पर सिलिंडरों से सीएनजी का रिसाव होने से बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि सिलिंडरों से सीएनजी गैस का रिसाव नहीं हुआ।

घायल यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर राहगीर और स्थानीय लोग बने फरिश्ते
-बस के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला, फिर ई-रिक्शा और बाइकों से अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई
फोटो संख्या चार
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बड़ौली गांव के पास हुए हादसे के बाद राहगीर और स्थानीय लोग बस में फंसे घायलों के लिए फरिश्ता बनकर आगे आए। घायलों को शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया। इसके बाद ई-रिक्शा, बाइकों और निजी वाहनों से सीएचसी, निजी अस्पतालों में पहुंचाकर उनकी जान बचाई।
हादसे के बाद बस में फंसे घायल अपनी जान बचाने के लिए चिल्ला रहे थे, तभी राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ वहां पहुंची और उन्हें संभाला। वहीं मामले की जानकारी पुलिस और एंबुलेंस को दी गई। अंकित, संदीप, नरेश, ओंकार आदि ने बस के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। इसके अलावा कुछ लोगों ने घायलों को अपने कंधों पर उठाकर किनारे बैठाया। बाद में घायलों को ई-रिक्शा, बाइकों और निजी वाहनों से अस्पतालों में पहुंचाया। उधर, हादसे के बाद लोग प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए।
वर्जन-हादसे के बाद बस को कब्जे में ले लिया गया है और घायलों का उपचार कराया गया। इसमें किसी की तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -अंशु जैन, सीओ बड़ौत
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