परिजनों, मित्रों के साथ बिताएं समय
सोशल मिडिया के समय में कटौतीकर लोगों को दोस्तों और परिजनों के साथ समय बिताना चाहिए। सोशल मीडिया पर अकसर चलने वाली बिना वजह बहस भी दुख और तनाव का करण बन सकती है।
अपने शौक को समय दें
सिर्फ नौकरी और घर के काम ही नहीं, बल्कि अपने शौक के लिए भी समय निकालें। खाली समय में अपने पंसद का संगीत सुन सकते हैं। सप्ताह या छुट्टी के दिन अपनी पंसद का ऐसा काम अवश्य करें जो दिमाग को सुकुन देता हो। इससे नई ऊर्जा का प्रवाह होगा और काम में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
योग-प्रणायाम का अभ्यास करें
योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है, वहीं ध्यान और प्राणायाम मानसिक तनाव से राहत देते हैं। प्राणायाम एक श्वसन क्रिया है, जो आपके शरीर के सभी अंगों तक उचित मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करती है।
दूसरों की मदद करें
जरूरतमंदों की मदद से व्यक्ति को भावनात्मक संतुष्टि मिलती है। जरूरी नहीं कि यह कोई बहुत बड़ा काम करने के बाद ही हासिल की जाए। छोटे छोटे प्रयासों से दूसरों की मदद जरूर करें।
डॉ. अनिल जैन व डा दिनेश बंसल का कहना है कि काम करने के बाद शाम को रिलेक्स होने के लिए कुछ देर टहलें। अपनी पंसद का संगीत सुनने से तनाव से जल्दी छुटकारा मिलता है। घर के माहौल को बेहतर बनाएं। असफलता से सबक लें लेकिन सिर्फ सकारात्मक चीजें याद रखें।