- नेशनल हाईवे पर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से लोनी पुश्ते तक हालत सुधारने के लिए नई कंपनी को मिली जिम्मेदारी
- एनएचएआई ने एक सप्ताह में काम शुरू करने के निर्देश दिए, करीब 40 हजार वाहन चालकों को मिलेगी बड़ी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे 709बी की ईपीई (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे) से लोनी के खजूरी पुश्ते तक जल्द हालत सुधर जाएगी। एनएचएआई ने इसकी हालत सुधारने के लिए नई कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है, जो एक सप्ताह में काम शुरू करेगी और इसके बाद एक महीने में काम पूरा करना होगा। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आने की बात कही गई है।
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे से करीब 40 हजार वाहन रोजाना गुजरते है। मगर, ईपीई से लोनी तक करीब 14 किमी की सड़क में गहरे गड्ढे है। इस कारण लोगों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क किनारे के सांकरौद, डूंडाहेड़ा, हसनपुर मंसूरी, नूरपुर, सुभानपुर आदि गांवों के लोगों की परेशानी भी बढ़ी हुई है। अब ज्यादा स्थिति खराब हो गई है। हर वक्त जाम की स्थिति बनी रहती है। सुभानपुर के रहने वाले संजय त्यागी सहित अन्य ने एनएचएआई के अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी। इस पर एनएचएआई ने निर्माण कंपनी गायत्री का टेंडर रद्द करने के लिए नोटिस जारी कर दिया। साथ ही नेशनल हाईवे की हालत सुधारने को सर्वे शुरू कराया गया था। ईपीई से लोनी पुश्ते तक सर्वे में करीब 14 किमी में 89 जगहों पर गड्ढे मिले है। इसकी हालत सुधारने के लिए एनएचएआई ने नई कंपनी गांवड़ को काम सौंप दिया है। कंपनी को सर्वे रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। मगर, कंपनी अपने स्तर से भी एक सप्ताह में सर्वे कराकर कार्य शुरू कराएगी। एनएचएआई के अधिकारियों ने कंपनी को एक सप्ताह में काम शुरू करके उसे एक महीने में खत्म करने के निर्देश दिए है।
नेशनल हाईवे की हालत सुधारने के लिए नई कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी एक सप्ताह में कार्य शुरू कर देगी। एक महीने में नेशनल हाईवे को पूरी तरह से ठीक करना होगा। हाईवे ठीक होने से लोगों की परेशानी खत्म हो जाएगी। - अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई