रटौल। कस्बे में बुखार से मंगलवार सुबह पिंकी (25) की बुखार से मौत हो गई। वहां 50 से ज्यादा लोग बुखार के कारण बीमार हैं। कस्बे के स्वास्थ्य केंद्र में सही उपचार नहीं मिलने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों ने स्वास्थ्य कैंप लगवाने की मांग की है, ताकि उन्हें निजी अस्पताल में उपचार के लिए न जाना पड़े।
कस्बे के शिवपुरी मोहल्ला निवासी मोनू कश्यप ने बताया कि पत्नी पिंकी को दो सप्ताह से बुखार हुआ था, जिसका खेकड़ा के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। उसकी हालत ज्यादा खराब होने पर बड़ौत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से आराम नहीं लगने के कारण मेरठ के लिए रेफर कर दिया, लेकिन मेरठ जाते ही मंगलवार की सुबह पिंकी की मौत हो गई। बताया कि महिला की प्लेटलेट्स लगातार कम हो रही थी।
वहां रहने वाले वाहिद, नाजिम, आरिफ, सलमान, शहजाद आदि ने बताया कि अफसीन, फारूक, मन्नू, मन्नत, आरिफ, नाजरीन, रिहान, अरीबा, फैजान, नवाब, सरफराज, जोया, मोनू, दीपांशु, कोमल, बलकिस, गुलफ्शा, नईम, मंतशा आदि 50 से ज्यादा बच्चे, महिलाएं व लोग बुखार से पीड़ित हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी शिविर नहीं लगाया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव में शिविर लगाकर मरीजों को दवाई वितरित कराने की मांग की है। बताया कि डेढ़ माह पहले भी बच्चे सहित दो की मौत हो चुकी है।
वर्जन
- रटौल कस्बे में बुखार से महिला की मौत की जानकारी नहीं है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर शिविर लगाकर उपचार कराया जाएगा। - डॉ. ताहिर, सीएचसी अधीक्षक खेकड़ा