अंगदपुर गांव स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बड़ौत की हालत दयनीय
असामाजिक तत्वों ने 17 लाख की लागत से बना शौचालय भी तोड़ा
असुरक्षा के चलते तीन वर्षों में 170 बालिकाएं कॉलेज को कह चुकी है अलविदा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जनपद बागपत के गांव अंगदपुर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बड़ौत की हालत दयनीय है। कॉलेज में न तो मुख्य गेट है और न ही चारदीवारी। कॉलेज परिसर मेें लंबी-लंबी घास उगी हुई है। 17 लाख की लागत से बनाए गए शौचालय को भी असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है। यहीं कारण है कि असुरक्षा के माहौल के चलते तीन सालों में 170 बालिकाएं कॉलेज को अलविदा कह चुकी है। इसके बावजूद भी न तो जनप्रतिनिधियों इस ओर ध्यान दे रहे है और न ही अधिकारी।
वर्तमान में 280 छात्राएं पंजीकृत
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बड़ौत में वर्तमान में 280 छात्राएं पंजीकृत है। इन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी एक प्रधानाचार्या राजेश राणा सहित सात शिक्षिकाओं की है। शिक्षण कार्य बेहतर होने की वजह से कभी यहां जौहड़ी, आरिफपुर खेड़ी, अंगदपुर, बड़ावद, सिरसली आदि गांवों से तकरीबन 450 से अधिक छात्राएं पढ़ा करतीं थी। मगर, असुरक्षित माहौल के चलते तीन वर्षों में लगभग 170 छात्राएं कॉलेज को छोड़ चुकी है।
17 लाख का बना था शौचालय
वर्ष 2015-2016 में तकरीबन 17 लाख रुपये की लागत से बालिकाओं के लिए शौचालय बनाया गया था। इसे भी असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है। कॉलेज आते जाते वक्त कई बार छात्राओं के साथ छेड़खानी भी हो चुकी है। कॉलेज में कई बार चोरी की घटना भी हुई है।
ये बोले ग्रामीण
एडवोकेट मंचवीर सिंह श्योरान व कुलदीप श्योरान का कहना है कि कॉलेज में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। न तो कॉलेज में गेट है और न ही चारदीवारी। पूर्व प्रधान रविन्द्र सिंह श्योरान व अखिलेश मैत्रेय का कहना है कि कई बार कॉलेज की समस्याओं को लेकर उच्चाधिकारियों से मिले, पत्र लिखे गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
भेजा जा चुका 28 लाख का इस्टीमेट
वर्ष 2017 में कॉलेज के मुख्य गेट, चारदीवारी व सुंदरीकरण के लिए तकरीबन 28 लाख का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था, जिसकी धनराशि आज तक स्वीकृति नहीं हुई। बजट मिले तो कॉलेज की हालत सुधरे। - राजेश राणा, प्रधानाचार्या।
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं आया है। यदि ऐसा है तो तत्काल प्रभाव से शिक्षा मंत्री से बातचीत कर कॉलेज की स्थिति को सुधरवाया जाएगा। - केपी मलिक, विधायक बड़ौत।
हाल ही में यहां पर नियुक्ति हुई है। इस संबंध मेें उच्चाधिकारियों से बातचीत कर जल्द ही कॉलेज की स्थिति को सुधारा जाएगा। - रविन्द्र सिंह, डीआईओएस।