बड़ौत। बिजरौल गांव के लोग दो माह से लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे है। जिस कारण न तो ग्रामीण सही ढंग से आटा चक्की चला पा रहे है और न ही सही ढंग से गंड़ासा। बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद कोई हल नहीं मिल रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनपता जा रहा है।
बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर गांव के बाहर 33/11केवीए बिजलीघर स्थित है, इस बिजलीघर को 132केवीए बिजलीघर कान्हड़ से सप्लाई मिलती है, लेकिन गत दो माह से गांव में लोगों को लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
ये बोले ग्रामीण
पंकज का कहना है कि हर माह बिजली बिल वसूलने तो ऊर्जा निगम की टीम आ जाती है, लेकिन बार-बार लो-वोल्टेज की समस्या बताने के बाद भी आज तक कोई हल नहीं निकला। गांव के ग्रामीणों को इससे काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रणवीर का कहना है कि लो-वोल्टेज से गांव में न तो गंडासे चल पा रहे है और न ही आटा चक्की। कई बार मौखिक व लिखित में भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
नीरज का कहना है कि लो-वोल्टेज से घर के सामान फूंकने का डर बना रहता है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे अब लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है।
ये बोले ऊर्जा निगम के अफसर------
इस संबंध में अधिशासी अभियंता राजेश का कहना है कि उनके सामने फिलहाल इस प्रकार की शिकायत नहीं आई है। हाल ही में यहां पर तैनाती हुई है। गांव मेें टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।