आपस में भिड़े ग्राम प्रधान, बनाएंगे नया संगठन
राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन ने विकास भवन में बुलाई थी बैठक
हेराफेरी के आरोपों में फंसे ग्राम सचिवों का समर्थन करने का दबाव डाला तो हो गई गालीगलौज और हंगामा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हेराफेरी के आरोपों में घिरे ग्राम सचिवों के समर्थन के लिए बुलाए गए प्रधान आपस में ही भिड़ गए। ग्राम प्रधानों के एक धड़े ने सचिवों पर उन्हें धोखा देकर वित्तीय हेराफेरी करने का आरोप लगा दिया। इस बात पर प्रधानों के बीच ही हंगामा और गालीगलौज हो गई। प्रधानों के एक गुट ने अपना अलग संगठन बनाने का एलान करते हुए सचिवों पर कार्रवाई करने वाले डीपीआरओ का समर्थन करने का फैसला लिया।
राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने विकास भवन में ग्राम सचिवों के धरने को समर्थन देने के लिए सभी प्रधानों को बुलाया था। विकास भवन में काफी प्रधान पहुंचे, लेकिन ग्राम सचिवों को समर्थन को लेकर प्रधानों ने सभागार में बैठक करने की बात कही। वहां प्रधानों की बैठक शुरू हुई तो आपस में खींचतान होने लगी। गोठरा के प्रधान एडवोकेट जितेंद्र कुमार बंसल ने आरोप लगाया कि ग्राम सचिव उनको धोखा दे रहे हैं और उनसे रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर डोंगल लेकर सचिव ने नौ लाख रुपये निकाल लिए। उन्हें इस बारे में बताया तक नहीं गया। इस तरह खैला गांव की प्रधान गीता देवी ने सचिव पर तीन लाख रुपये निकालने का आरोप लगाया। प्रधानों ने कहा कि इस तरह से गलत काम करने वाले सचिवों का साथ नहीं देंगे। इस बात को लेकर प्रधान आपस में भिड़ गए और उनके बीच गालीगलौज होने लगी। निनाना के प्रधान प्रतिनिधि रोहित धनखड़, मुकुंदपुर के प्रधान संजीव, सुल्तानपुर हटाना के प्रधान सचिन, फैजल्लापुर के प्रधान मनोज, नौरोजपुर के प्रधान संदीप, गठीना के नरेश, ट्योढ़ी के सचिन, गोठरा के जितेंद्र कुमार बंसल, खैला की गीता देवी, पांची के प्रधान नासिर आदि ने राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन का बहिष्कार कर दिया और जिले में नया संगठन बनाने का फैसला लिया। इस तरह से संगठन दोफाड़ हो गया है और ग्राम सचिवों का अधिकतर प्रधानों ने समर्थन देने से इंकार कर दिया है। साथ ही इस मुद्दे पर डीपीआरओ का समर्थन करने का एलान किया।
वर्जन
- विकास भवन में सचिवों का समर्थन करने के लिए प्रधानों को बुलाया गया था, जबकि हम उनका समर्थन नहीं करना चाहते हैं। इसलिए ही पहले बैठक करके फैसला लिया गया। वहां कुछ लोगों ने जबरन समर्थन कराने का प्रयास किया तो हमने संगठन का बहिष्कार कर दिया। अब नया संगठन बनाया जाएगा। बैठक में खूब हंगामा और गालीगलौज तक हुई। - रोहित धनखड़, प्रतिनिधि ग्राम प्रधान निनाना
- यह प्रधानों का अपना फैसला है कि किसका समर्थन करना है और किसका नहीं। लेकिन राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन ऐसा संगठन है कि प्रधानों के हित के सभी फैसले इसने ही कराए हैं। अन्य किसी संगठन ने आज तक कुछ नहीं कराया है। बैठक में कुछ विरोध जरूर हुआ। - रामपाल, प्रदेश महासचिव, राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन