बड़ौत। अगर आप अपने बच्चों की शादी करने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए अच्छी खबर है। करीब दो महीने से डूबा विवाह का तारा उदय हो गया है। इसके बाद 40 दिन शादियों के लिए बेहद शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद फिर से तारा अस्त हो जाएगा।
सनातन मान्यताओं के अनुसार वैवाहिक कार्यों के लिए शुक्र ग्रह का उदय रहना आवश्यक है। बिना शुक्र ग्रह के यह कार्य नहीं किए जा सकते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल 14 फरवरी को शुक्र तारा अस्त हुआ था। यह 18 अप्रैल रात 9 बजकर 34 मिनट पर उदय हो गया है। पंडित सतीश शर्मा ने बताया कि विवाह का मुहूर्त निकालते समय शुक्र और गुरु का उदित रहना आवश्यक है। इसी कारण शुक्र अस्त होने पर विवाह नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी के अबूझ साहे से शादियों का दौर शुरू होगा। इसके बाद जुलाई तक 40 दिन ऐसे हैं, जिनमें शादियां हो होंगी।
इस दिन शादी का मुहूर्त
अप्रैल में छह दिन शादी के लिए उत्तम बताए जा रहे हैं। इनमें 22, 24, 25, 26, 27 व 30 तिथि शामिल है। इसके बाद मई माह में 2, 3, 4, 7, 8 के बाद 21 से 24 फिर 26 से 29 और 30 मई को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। जून माह में 4, 5, 6, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 27, 28 व 30 जून शुभ होंगे। वहीं जुलाई माह में 1, 2, 3, 4, 6, 12, 15 व 18 तारीख को विवाह होंगे। 18 जुलाई के बाद देवश्यनी के कारण फिर से तारा अस्त हो जाएगा। जिस कारण शादियों नहीं हो पाएंगी।
12 साल बाद बृहस्पति का फिर कुंभ राशि में प्रवेश
पंचवटी मंदिर के पुजारी पंडित कुंदन भारद्वाज ने बताया कि इस साल का देवगुरु बृहस्पति पहला राशि परिवर्तन करेंगे। बृहस्पति मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं। बताया कि बृहस्पति का कुंभ राशि में प्रवेश 12 साल बाद हो रहा है। इसके बाद वे वर्ष 2033 में कुंभ राशि में पधारेंगे। अभी तक देवगुरु अपनी नीच राशि में शनि के साथ गोचर कर रहे थे। अब शनि की ही राशि कुंभ में गोचर करेंगे। इस राशि में वे 13 सितंबर तक रहेंगे। इसी बीच 20 जून की रात 8 बजकर 28 मिनट पर वक्री होंगे। उसी अवस्था में चलकर 14 सितंबर दोपहर 2 बजकर 27 मिनट पर पुन: मकर राशि में प्रवेश कर रहे होंगे। 20 नवंबर को फिर से कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसमें विशेष यह रहेगा कि शनि के साथ युति रहने से इनके प्रभाव में कमी आ गई थी। परंतु अब यह प्रभावशील होकर शिक्षा, रोजगार कला व संस्कृति और अध्यात्म के जाएंगे। वहीं 18 अक्टूबर को उन्नतिकारक साबित होंगे। इसके बहुत सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे।