बागपत: बड़ौत में एक शख्स के टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : amar ujala
पश्चिमी यूपी के बागपत जिले में स्वास्थ्य विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद बड़ौत ब्लाक के गांवों में टीकाकरण परवान नहीं चढ़ पा रहा है। बड़ौत ब्लाक के अंतर्गत 44 गांव आते हैं, जिनकी कुल आबादी 2.11 लाख है। अभी तक 18 और 45 से अधिक उम्र के केवल 23461 लोगों ने ही टीकाकरण कराया है। यानी कुल 11 प्रतिशत ने ही टीका लगवाया है।
मुस्लिम गांवों में आ रही दिक्कतें
स्वास्थ्य विभाग को सबसे ज्यादा मुस्लिम बाहुल्य गांवों में टीकाकरण कराने में समस्या आ रही है। हाल ही में अशरफाबाद थल गांव में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का जमकर विरोध किया था। इस कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम को बैरंग लौटना पड़ा था। पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में अभी तक मात्र 100 लोगों ने ही टीकाकरण कराया है। कमोबेश ऐसी ही स्थिति इदरीशपुर व औसिक्का गांव की है। इन गांवों में अफवाहें फैली हुई हैं कि टीकाकरण कराने से लोगों की मौत हो जाती है। कई जगह तो यह भी अफवाह है कि टीकाकरण जनसंख्या नियंत्रण के लिए किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल गलत है।
टीकाकरण कराने में शहरी आगे
शहरी क्षेत्र की बात करें तो यहां की कुल आबादी 1.10 लाख है। यहां पर कुल 17504 लोग टीकाकरण करा चुके हैं। जो आबादी के सापेक्ष 16 प्रतिशत है। शहरी क्षेत्र में मात्र दस टीम काम कर रही हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 25 टीम स्वास्थ्य विभाग की लगी हुई हैं।
टीकाकरण बढ़ाने को किया जा रहा प्रयास
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण कारगर साबित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। धर्म गुरुओं और गणमान्य लोगों की इसमें मदद ली जा रही है।
- डॉ. विजय कुमार, सीएचसी अधीक्षक