हिंडन नदी की जमीन का चिह्निकरण किया जाएगा। अगर किसी ने कब्जा किया होगा तो हटाया जाएगा। इसके साथ ही पंचायतीराज विभाग, जल निगम, वन विभाग संयुक्त रूप से हिंडन नदी का प्रदूषण रोकने के लिए कार्य करेंगे।
सीएम ने हिंडन नदी को अविरल बनाने के लिए अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर काम भी शुरू करा दिया गया। जहां हिंडन में आने वाले नालों व नदियों के साथ ही गांवों के पानी को स्वच्छ करने पर कार्य होगा। वहीं इसको पुराने अस्तित्व में लाने के लिए कब्जामुक्त कराया जाएगा।
विज्ञापन
हिंडन नदी जिले में 35 गांवों से होकर गुजरती है और इसकी जिले में 65 किलोमीटर लंबाई है। इसके पानी में प्रदूषण को लेकर जहां एनजीटी ने सख्ती दिखाई। वहीं सीएम ने हिंडन नदी को अविरल बनाने के लिए अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया है। सीएम ने मेरठ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में इसकी कार्य योजना बनाकर काम शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके बाद ही हिंडन नदी की जमीन चिह्नित करने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया को प्रस्ताव भेजा गया। इसके चिह्निकरण पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च आएगा।
नदी किनारे बसे गांवों में होगा ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन
हिंडन नदी के किनारे 23 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि कृष्णा नदी के किनारे 12 ग्राम पंचायतें हैं। कृष्णा नदी बरनावा में जाकर हिंडन में मिलती है। प्रशासन ने तैयार की कार्य योजना में बताया कि स्वच्छ भारत मिशन फेज-1 और फेज-2 में किनारे बसे 13 गांवों में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर काम कराया गया। साथ ही इन गांवों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए शॉकपिट, नालियों में सिल्ट केचर, तालाबों पर फिल्टर चैम्बर, हैंडपंप प्लेटफार्म का निर्माण कराया जाएगा। किनारे बसे गांवों में स्वच्छता होने से हिंडन अविरल बनेगी।
मिल का दावा, फैक्टरी में प्रयोग हो रहा शोधित जल
हिंडन को अविरल बनाने के लिए रमाला मिल के अफसरों को भी जिम्मेदारी दी गई। इस पर मिल प्रबंधन ने दावा किया कि मिल में संचालित ईटीपी से जल शोधन कर फैक्टरी में बेगास पर छिड़काव करने समेत अन्य कार्यों में प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा मांग होने पर सिंचाई के लिए किसानों को भी शोधित जल सप्लाई किया जाता है।
ये बोले अधिकारी
अविरल हिंडन की कार्ययोजना सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल कर ली गई है। इस पर कई विभागों की टीम लगाकर काम शुरू कर दिया है। जल्द ही हिंडन नदी को अविरल बनाया जाएगा। -नीरज कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ