पुलिस ने बढ़ाया दबाव तो थाने पहुंचा अंकित
राजवीर की हत्या की घटना को 10 दिन बीत गए थे। इस बीच अंकित गांव में घर पर ही रहा। थाना पुलिस की शक की सुई परिवार के लोगों पर ही घूम रही थी। बार-बार पुलिस गांव जाकर मृतक के परिजनों से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस के दबाव के चलते ही अंकित ने थाने पहुंचकर पिता राजवीर की हत्या करने का जुर्म कबूल किया।
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पूर्व ऑपरेटर को फंसाने की रची थी साजिश
शाहपुर बाणगंगा गांव की पेयजल टंकी पर पहले ब्रजपाल पुत्र हरकरन ऑपरेटर था। मगर, गांव की नवनिर्वाचित प्रधान ने उसे हटाकर अंकित के छोटे भाई अजय को ऑपरेटर रख लिया था। इसे लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया था। इस मामले में गांव के दो लोग पूर्व ऑपरेटर ब्रजपाल का साथ दे रहे थे। इसी के चलते राजवीर की मौत के बाद परिजनों ने इन तीनों पर हत्या करने का शक जताया था।