संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। शहर के मंदिरों देवोत्थान एकादशी पर विधि-विधान से माता तुलसी का शालीग्राम के साथ विवाह कराया गया। तुलसी विवाह में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर धर्म लाभ उठाया। विवाह के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
नगर के दामोदर दास राधा-कृष्ण ठाकुरद्वारा मंदिर में बृहस्पतिवार को तुलसी विवाह का आयोजन किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित कृष्णानंद शास्त्री और पक्का घाट मंदिर में पुजारी पंडित हीरालाल तिवारी ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ तुलसी माता का विवाह कराया। विवाह संपन्न कराने के बाद मंदिरों में प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर मनीष गर्ग, संगीता गर्ग, अवधेश, अनिता गुप्ता, स्वाति, सीमा मौजूद रहे। बाबा जानकीदास मंदिर के पुजारी पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि देवोत्थान एकादशी पर भगवान शालीग्राम का विवाह माता तुलसी के साथ कराया जाता है। भगवान शालिग्राम नारायण के ही स्वरूप हैं। भगवान की पूजा बिना तुलसी के अधूरी रहती है। माता तुलसी का भगवान शालीग्राम के साथ विवाह कराने से श्रद्धालुओं के कष्ट दूर हो जाते हैं और शारीरिक, मानसिक, आर्थिक तापों से मुक्ति मिलती है।
दोघट के प्राचीन शिव दुर्गा मंदिर में महिला कीर्तन हुआ
दोघट। कस्बे के प्राचीन शिव दुर्गा मंदिर में देव उठनी एकादशी पर भगवान शालीग्राम व तुलसी विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया। मंदिर में महिलाओं ने भजन कीर्तन एवं पूजा अर्चना की। विवाह में महिलाओं ने तुलसी का कन्यादान किया। इस मौके पर संगीता देवी, मुनेश, बबीता, मुन्नी देवी, राजेश, सुनिया, राजबाला, मनीषा, शैली पंवार, वैशाली मौजूद रहीं।