अमीनगर सराय में महाआरती में भाग लेते पुजारी
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अमीनगर सराय। कस्बा अमीनगर सराय में चल रहे नौ दिवसीय अयुतार्द्ध चंडी महायज्ञ और श्रीमद्देवी भागवत कथा पुराण का रविवार को पूर्ण आहुति के साथ समापन हो गया। सुबह त्रयंबकेश्वर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। आचार्य श्री ने सभी यजमानों से पूर्ण आहुतियां दिलवाई। इसके उपरांत मंगल आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।
आचार्य श्री दिवाकर ने यजमानों का विधिवत पूजन कराया। इसके उपरांत धर्मसभा में त्रयंबकेश्वर ने धर्मसभा में सहजता से कार्यक्रम पूर्ण होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज संस्कृति क्षीण होती जा रही है। नई पीढ़ी के साथ-साथ बुजुर्ग भी पाश्चात्य सभ्यता के भंवर शामिल हो गए है, जो कि हमारे पतन का कारण है। अपनी सनातन संस्कृति को बनाए रखने के लिए यज्ञ, अनुष्ठान, चंडी पाठ व अन्य धार्मिक कार्यक्रम करने होंगे, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति से विमुख न हो और धर्म की पताका सदैव लहराती रहे।
स्वदेश महाराज ने किए प्रवचन में कहा कि पूज्य यज्ञ सम्राट श्री प्रबल महाराज की पावन पुण्य जन्मभूमि अमीनगर सराय (पुरामहादेव) में अखिल भारत वर्षीय धर्म संघ व आदर्श गौशाला सेवा समिति के जनसेवकों के श्रम बिंदुओं से चैत्रीय नवरात्रि साधना पक्ष में श्री अयुतार्ध चंडी महायज्ञ का समायोजन संपन हुआ। यज्ञ में भारतवर्ष के अनेक प्रांतों से पधारें संत महापुरुषों ने शुभाषीष प्रदान कर आनंद की अनुभूति प्रदान की है।
कथा के पश्चात डॉ गुण प्रकाश चैतन्य महाराज के सानिध्य में यज्ञ प्रभारी स्वदेश महाराज सहित अन्य सभी आचार्यों ने यजमानों से अग्निकुंड में आहुतियां दिलवाई। मंगल आरती के बाद विशाल भंडारे में दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में सहयोग व सेवा करने वाले श्रद्धालुओं को उपहार स्वरूप गुरु की तस्वीर भेंट की गई।
पूर्ण आहुति देते डॉ गुण प्रकाश जी व मौजूद श्रद्घालु- फोटो : BAGHPAT
अमीनगर सराय में कथा सुनती महिला श्रद्घालु- फोटो : BAGHPAT
अमीनगर सराय में यज्ञशाला का परिक्रमा के लिए उमड़ा श्रद्धलुओं का सैलाब- फोटो : BAGHPAT