बड़ौत। कंटेनमेंट जोन में स्थित बैंक शाखाएं करीब एक माह से बंद है। खातों से धनराशि निकालने के लिए लोगों की परेशानियां बढ़ने लगी है। शिक्षकों के सामने भी समस्या खड़ी हो गई है। आलम यह है कि खातों में हजारों की नगदी होने के बावजूद लोग एक-एक रुपयों के लिए मोहताज हो चुके है।
शिक्षक सुरेंद्र कुमार का कहना है कि उनका खाता बिजरौल रोड स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा में है। पेटीएम या अन्य एप नहीं चला पाता, इसलिए घर में सब्जियां-दूध खरीदने को लेकर नगदी की कमी पड़ने लगी है। बैंक बंद होने से दिक्कतें बढ़ रही है।
शिक्षक राजकुमार व अनुज तोमर का कहना है कि लॉकडाउन की घोषणा से पूर्व ही घर का खर्च चलाने के लिए कुछ नगदी निकाली थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। खातों में सैलरी आ भी चुकी है, लेकिन बैंक कंटेनमेेंट जोन में आने के बाद एक माह से बंद चल रहा है।
शिक्षक गौरव का कहना है कि नगदी को लेकर अब परेशानियां आने लगी है। आलम यह है कि परचून की दुकान पर भी उधारी खाता शुरू हो गया है, जो आज तक नहीं हुआ। बैंक बंद होने से नगदी का संकट गहरा गया है।