बागपत। सोने-चांदी की कीमतों में अचानक तेजी का फायदा लेने के लिए निवेश करने वालों के सपने एक झटके में ही चूर हो गए हैं। किसी ने बैंक से एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) तोड़कर तो किसी ने सोना-चांदी खरीदने पूरी जमा पूंजी ही दांव पर लगा दी, एक ही रात में लखपति बनने का सपना चकनाचूर हो गया। लोग अब इन दोनों धातुओं के दाम दोबारा बढ़ने की राह देखने लगे हैं।
चांदी के दाम 4.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए थे। इस तरह सोने के दाम 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचे तो लोगों ने उत्साहित होकर जमापूंजी निवेश करना शुरू कर दिया।
बड़ौत व बागपत के काफी लोगों ने बैंक से जमापूंजी निकालकर और घर में रखे रुपयों से सोने -चांदी की खरीदारी कर ली। ऐसे भी लोग हैं, जिन्होंने भविष्य के लिए बैंकों में एफडी कराई हुई थी। उनको भी एफडी की जगह सोने व चांदी खरीदना बेहतर लगा तो एफडी तोड़कर खरीदारी कर ली।
बिना जरूरत के केवल निवेश के लिए सोने व चांदी को खरीदने वाले लोगों को तब झटका लगा, जब इनके दामों में तेजी से गिरावट हुई। सबसे ज्यादा झटका शनिवार सुबह को लगा, जब सोने के दाम 1.72 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तो चांदी के दाम तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक सिमट गए।
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केस एक: बागपत के राहुल ने पांच साल के लिए चार लाख रुपये की एफडी कराई थी, जो दो साल बाद पूरी होनी थी। उनको लगा कि एफडी से ज्यादा फायदा सोना खरीदने में हो सकता है और उन्होंने एफडी तोडक़र 1.93 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के हिसाब से सोना खरीद लिया। अब सोने के दाम कम हो गए मगर उनको उम्मीद है कि इसमें बढ़ोतरी होगी।
केस दो: बड़ौत के बृजेश कुमार ने चांदी के दाम तेजी से बढ़ते देखकर साढ़े तीन लाख रुपये की जमापूंजी से एक किलोग्राम चांदी खरीद ली। उनको फिलहाल फायदा होने की जगह नुकसान हो गया है। ब्रिजेश के अनुसार इस तरह से उम्मीद नहीं थी कि चांदी के दाम में इतनी गिरावट आएगी। ऐसा लग रहा है कि जिस तरह से दाम गिरे हैं, वह धीरे-धीरे बढ़ेंगे जरूर।
सोने व चांदी के दाम बढऩे पर कुछ लोगों ने निवेश के लिए खरीदारी की मगर अचानक दम कम हो गए। सोने के दाम धीरे-धीरे बढ़ेंगे। चांदी के दाम जरूर लोगों को परेशान कर सकते हैं। मनोज वर्मा, सराफा कारोबारी।
सोने व चांदी के दाम में जिस तरह का उतार-चढ़ाव आ रहा है, वह सभी को हैरान कर रहा है। बाजार पर सभी की नजर टिकी है। लोग फायदे के लिए खरीदारी कर रहे हैं। यह जरूर है कि कुछ लोगों को अभी फायदे की जगह नुकसान हुआ। प्रभात जैन, सराफा कारोबारी।