खेकड़ा/बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से जैन तीर्थ नगरी बड़ागांव के लिए कट का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। 66 करोड़ रुपये से बनाए जा रहे कट को जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके शुरू होने से जैन समाज के श्रद्धालुओं, पर्यटकों व गांवों के लोगों को फायदा होगा।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बनने के बाद से मांग की जा रही थी कि जैन तीर्थ नगरी बड़ागांव के पास भी कट दिया जाए। जिससे एक्सप्रेस-वे से होते हुए बाहर से आने वाले लोग सीधे बड़ागांव पहुंच सकें। इस मांग को लेकर काफी गांवों के लोग सांसद के साथ केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिले थे। वर्ष 2022 में परिवहन मंत्रालय ने बड़ागांव के पास एक्सप्रेस-वे पर कट बनाने के लिए 66 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया था। इसके बाद वहां कार्य शुरू कराया गया और वहां कट के लिए सड़क के साथ ही टोल बूथ का कार्य पूरा हो गया है। अब वहां फिनिशिंग का कार्य बाकी रह गया है, जिसके पूरा होते ही कट को शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद लोगों को खेकड़ा व चमरावल रोड से होकर वहां जाने से छुटकारा मिलेगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक धीरज सिंह के अनुसार तेजी से कार्य कराया जा रहा है, जो जल्द ही पूरा करके कट को शुरू करा दिया जाएगा।
इन गांवों के लोगों को फायदा
बड़ागांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कट शुरू होने से जहां त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा व आसान रास्ता मिलेगा। वहीं बड़ागांव, रटौल, खैला, मंसूरपुर, ललियाना, खासपुर, गौना सहवानपुर, सिंगौली तगा, फुलैरा, टुकाली, विनयपुर, भगौट, भैड़ापुर, सरफाबाद, लहचौड़ा, फखरपुर, फिरोजपुर, अहमदनगर नंगला बड़ी, मुबारिकपुर, सैदपुर, महरमपुर, सलावतपुर खेड़ी, बसी आदि गांवों के ग्रामीणों के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर जाने के लिए सीधा रास्ता मिल जाएगा।