बागपत। शहर के केतीपुरा में डंपिंग ग्राउंड पर डाले गए कूड़े के निस्तारण के नाम पर 55 लाख रुपये का घोटाला किया गया। एडीएम न्यायिक शिवनारायण की जांच में यह घोटाला सामने आया है। इसके लिए जमीन की खोदाई कराई गई और वहां काफी मात्रा में कूड़ा दबा मिला, जो खुद घोटाले का गवाह बना। अब इसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई।
नगर पालिका ने केतीपुरा मोहल्ले में कूड़ा डंपिंग ग्राउंड बनाया हुआ था। वहां पूरे शहर का कूड़ा डाला जाता था। नगर पालिका ने वर्ष 2021 में उसके पास ही एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनवाया। इसमें गीले और सूखे कूड़े को अलग करने के साथ ही उसका निस्तारण किया जाता है।
डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का ढेर लगा हुआ था तो वहां से कूड़ा एमआरएफ सेंटर में लाकर निस्तारण करने के लिए नगर पालिका ने दिसंबर 2021 में 55 लाख रुपये का ठेका छोड़ा। इसमें बड़ा खेल यह किया गया कि कूड़े का निस्तारण करने की जगह जेसीबी मशीन से खोदाई कराकर उसे जमीन में दबवा दिया गया। इस मामले में भाजपा के सहकारी गन्ना विकास समिति के चेयरमैन प्रदीप ठाकुर ने दिसंबर 2025 में डीएम अस्मिता लाल से शिकायत की।
डीएम ने एडीएम न्यायिक शिवनारायण को जांच सौंपी, जो अब पूरी होने पर रिपोर्ट शासन को भेजी गई। एडीएम ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि अधिशासी अधिकारी केके भड़ाना के साथ मौके पर जाकर जेसीबी मशीन से जमीन की खोदाई कराई। वहां दो-ढाई बीघा में जमीन के नीचे एक फुट से पांच फुट तक कूड़ा दबा हुआ मिला। इस तरह साफ है कि कूड़ा निस्तारण करने की जगह दबवाया गया।
इसके अलावा ठेका छोड़ने की फाइल की जांच की गई तो टीकेजे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को नियम विरुद्ध ठेका दिए जाने की बात सामने आई। कंपनी का रजिस्ट्रेशन ठेका देने के बाद कराया गया और उससे जमानत राशि का डिमांड ड्राफ्ट भी पांच साल की जगह केवल छह महीने के लिए जमा कराया गया।
-नगर पालिका अधिकारियों, अध्यक्ष ने मिलकर किया घपला
एडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि यह घोटाला संगठित होकर किया गया है। इसमें तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ललित आर्य, अवर अभियंता विजेता श्रीवास्तव, वरिष्ठ लिपिक महेश शर्मा, अध्यक्ष राजुद्दीन, ठेका कंपनी टीकेजे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दोषी ठहराया है। इन पर कार्रवाई व रिकवरी के लिए संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
कूड़ा निस्तारण की शिकायत के बाद जांच कराई गई। जांच में 55 लाख रुपये का घोटाला मिला है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। इसमें शामिल सभी के खिलाफ कार्रवाई व रिकवरी की संस्तुति की गई है।- शिवनारायण, एडीएम न्यायिक
ठेका छोड़ने से लेकर भुगतान करने में एडीएम, अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी समेत अन्य होते हैं। इस मामले में मुझे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। -राजुद्दीन, अध्यक्ष नगर पालिका बागपत