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नुकीली वस्तु से प्रहार कर मारा था तेंदुए को

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बिनौली के शाहपुर बाणगंगा के जंगल में मृत पड़ें तेन्दुए का फाइल फोटो - फोटो : BARAUT
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वन रेंजर की जांच में हुई पुष्टि, कुछ लोगों ने पालतू कुत्ते का शिकार करने पर मारा डाला था
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15 दिसंबर 2020 में शाहपुर बाणगंगा के जंगल में मृत पड़ा मिला था तेंदुआ, पुलिस की जांच अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बिनौली क्षेत्र के शाहपुर बाणगंगा के जंगल में करीब साढ़े तीन माह पूर्व मृत अवस्था मिले तेंदुए की मौत सामान्य नहीं थी, कुछ लोगों ने पालतू कुत्ते को शिकार बना लेने पर नुकीली वस्तु से प्रहार कर उसे मारा गया था। वन रेंजर की जांच में यह बात सामने आई है। इस मामले में पुलिस की जांच अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
बता दें कि वर्ष 15 दिसंबर 2020 को शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में तेंदुए का शव पड़ा मिला था। सूचना पर मुख्य वन संरक्षक मेरठ एनके जानू, वन संरक्षक मेरठ गंगा प्रसाद, डीएफओ कल्याण सिंह, वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह आदि मौके पर पहुंचे थे और गहनता से जांच की थी। इस घटना का वन विभाग की ओर से बिनौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। वन विभाग भी इस मामले की जांच कर रहा है। वन रेंजर बड़ौत राजपाल सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए के सिर में नुकीली चीज से वार करने की पुष्टि हुई थी। इससे साफ है कि उसे मारा गया था। जांच में कुछ लोगों के नाम सामने आए है, जिन्होंने पालतू कुत्ते के शिकार का बदला लेने के लिए तेंदुए को मार दिया था। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। बिनौली थाने के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मुकदमे की गहनता से विवेचना कराई जा रही है। अभी तक ऐसा कोई भी तथ्य सामने नहीं आया है, जिसमें पालतू कुत्ते के शिकार का बदला लेने के लिए तेंदुए को मारा गया हो।
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सिर पर हुए थे कई वार: डॉ. चौहान
बड़ौत। वन संरक्षक गंगा प्रसाद की अध्यक्षता और सेवानिवृत्त डीएफओ जीएस कुशारिया की देखरेख में मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम करने वाले उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सोमदेव सिंह चौहान ने बताया कि तेंदुए खाना खाने के चार घंटे के अंदर सिर पर लोहे की छेड़ या भाले के एक के बाद एक कई वार किए गए थे। मरने से पहले वह पूरी तरह से स्वस्थ था। तेंदुए के शरीर के सभी अंगों जैसे लीवर, किडनी, हार्ट आदि को डिब्बों में सुरक्षित रखकर जांच के लिए बरेली स्थित आईवीआरआई सेंटर पर भेजा गया।
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