सरस्वती हॉस्पिटल में डिप्टी सीएमओं से नोकछोंक करते लोग।
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आपरेशन के दौरान युवती की मौत के मामले में जांच करने पहुंचे थे एसीएमओ
कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने दी डीएम मुख्यालय पर धरना शुरू करने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। युवती की मौत के मामले में छपरौली रोड स्थित सरस्वती नर्सिंग होम में शुक्रवार को जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम का मलकपुर गांव के ग्रामीणों ने घेराव किया। एसीएमओ ने निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। ग्रामीणों ने कार्रवाई न होने पर डीएम मुख्यालय पर धरना शुरू करने की चेतावनी दी।
शुक्रवार को एसीएमओ डॉ. यशवीर सिंह सरस्वती नर्सिंग होम में जांच करने पहुंचे। इसी दौरान ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। बताया कि छपरौली कस्बे की रहने वाली रितु पुत्री योगेंद्र को 28 सितंबर को डिलीवरी के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आपरेशन में लापरवाही के कारण रितु की तबियत खराब हो गई थी। इसके बाद उसे एक अक्टूबर को शाम छह बजे मेरठ के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। दो अक्टूबर को लोकप्रिय अस्पताल में रितु की मौत हो गई थी। इसकी शिकायत मंडलायुक्त, डीएम, सीएमओ से की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। विनोद, राजवीर, सुनील, नीरज, सुभाष आदि ने कार्रवाई की मांग की। एसीएमओ डॉ. यशवीर सिंह ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। कहा कि जल्द ही जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
उधर, अस्पताल की महिला चिकित्सक शिवानी कौशिक ने बताया कि मरीज की मौत अस्पताल में नहीं हुई थी। तीसरे दिन मरीज को यहां से रेफर कर दिया गया था। गुर्दे खराब होने से ही उसकी मौत हुई है, किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है।