कांस्टेबल सूरजपाल के साथ भी मारपीट की गई। वहां अन्य लोग समझाने लगे तो विधायक ने उन्हें भगा दिया। पुलिस ने पूर्व विधायक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। यह मामला सीजेएम प्रीति सिंह की अदालत में चल रहा था।
अदालत ने इस मामले में पूर्व विधायक रूप चौधरी को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई और 8500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। विशेष लोक अभियोजक अजय कुमार धामा ने बताया कि कोर्ट से पूर्व विधायक को जमानत भी मिल गई है।