बागपत विकास भवन में धरने के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे सचिवों के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक
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बागपत। विकास भवन में डीपीआरओ और लिपिक के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे दो सचिव की मंगलवार को हालत बिगड़ गई। चिकित्सकों की टीम ने भूख हड़ताल पर बैठे सचिवों की जांच की। आंदोलनकारी सचिवों ने भूख हड़ताल खत्म करने से इंकार कर दिया। उन्होंने डीपीआरओ व लिपिक निलंबन न होने तक भूख हड़ताल व धरना जारी रखने की चेतावनी दी।
विकास भवन में ग्राम पंचायत सचिव और वीडीओ डीपीआरओ व लिपिक के निलंबन की मांग को लेकर धरना व भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठे सचिव जोनी चौधरी और विकुल तोमर की हालत बिगड़ गई। सचिव की जांच के लिए चिकित्सकों को बुलाना पड़ा। हालत बिगडने के बाद भी उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त नहीं की।
संगठन के जिलाध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने कहा कि प्रशासन की तानाशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्रवाई न होने तक भूख हड़ताल व धरना जारी रखने की चेतावनी दी। सिंचाई संघ नलकूप खंड के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह व मंत्री जगदीश प्रसाद ने धरने को समर्थन दिया। इस मौके पर कृष्ण कुमार तोमर, सुनील बंसल, बुद्ध प्रकाश, अनिल वर्मा, पवन राणा, रवि कुमार, संजय खोखर, गौरव राणा, नितिन शर्मा, महक सिंह, मुकेश यादव, मनीष कुमार, अनिल मान, अजय, रविंद्र यादव, संदीप कुमार मौजूद रहे।