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बंद बोरे में मिला तीन दिन से लापता ठेकेदार का शव, साथी ही निकले हत्यारोपी

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बागपत। तीन दिन से लापता पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) ठेकेदार रविंद्र कुमार (21) का शव शुक्रवार को हेवा गांव के जंगल में बंद बोरे में मिला। पुलिस के मुताबिक शराब पीते वक्त गाली-गलौज होने पर तीन दोस्तों ने ही उसकी गला दबाकर हत्या की थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, परिवार के लोगों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा करते हुए जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत किया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है।
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बागपत में बड़ौत रोड निवासी रविंद्र कुमार (21) घरों में पीओपी कराने का ठेका लेता था। उसे आठ नवंबर को साथियों ने सरूरपुर में शराब के ठेके के पास छोड़ा था। इसके बाद से वह लापता हो गया था। परिजनों ने मूलरूप से पाबला व वर्तमान में ज्ञान एंक्लेव बड़ौत रोड पर रहने वाले उसके साथी आकाश पुत्र ब्रह्मजीत पर अपहरण करने का शक जताते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। एसपी नीरज कुमार जादौन के अनुसार कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आकाश व उसके साथी मनोज निवासी हेवा को पकड़कर पूछताछ की तो पता चला कि इनका तीसरा साथी संजीव है। आकाश व संजीव आठ नवंबर को अपने वकील से मिलने बागपत कचहरी आए थे। यहां से लौटते वक्त रविंद्र उनको सरूरपुर में ठेके पर मिल गया। रविंद्र ने आकाश के यहां पीओपी का काम कराया था। इसलिए पहले से जानकार होने के कारण सरूरपुर से शराब लेकर वह तीनों हेवा में पहुंच गए, जहां मनोज को भी बुला लिया। चारों बैठकर शराब पीने लगे। इस दौरान ही गाली-गलौज होने पर उन्होंने रविंद्र की गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर ईंख के खेत में फेंक दिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर बृहस्पतिवार देर शाम को शव बरामद किया। पुलिस ने आकाश व मनोज को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है।
तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हंगामा
रविंद्र का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह को बड़ौत रोड पर लाया गया तो परिजनों ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने समझाया कि दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। लोगों ने तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने उसे जल्द ही गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। पुलिस सुरक्षा में शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
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दो माह पहले ही जमानत पर जेल से छूटा था आकाश
कोतवाली प्रभारी के अनुसार आकाश ने दो साल पहले इसी तरह एक युवक की हत्या की थी। इस मामले में वह जेल में गया था और दो माह पहले ही जमानत पर जेल से छूटा था। अन्य दोनों आरोपी भी उसे जेल में मिले थे और वह भी हत्या के मामले में बंद थे। यहीं से तीनों की दोस्ती हुई थी।
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