- वंचित समाज पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में भी किया था प्रचार
- सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज में दो साल पहले मेधावी किए सम्मानित
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अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। राज्यसभा सांसद ठाकुर अमर सिंह का जिले से पुराना नाता रहा। कभी शिक्षा क्षेत्र के मेधावियों को सम्मानित करने और कभी सियासी मंचों से भी उन्होंने विरोधियों पर निशाने साधे। उनके असमय निधन के बाद समर्थकों में मायूसी छा गई।
दो मार्च 1997 को राज्यसभा सांसद ठाकुर अमर सिंह ने सिंघावली अहीर गांव के मुख्य द्वार का उद्घाटन किया था। पूर्व प्रधान रामपाल यादव ने बताया कि ग्रामीणों के एक निमंत्रण पर वह गांव पहुंच गए थे। सिंघावली अहीर गांव में किए गए सम्मान से वह गदगद हो गए थे। दो साल पहले नगर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज के वार्षिकोत्सव में पहुंचकर मेधावियों को सम्मानित किया था। प्राचार्य डॉ अनिल चौहान ने बताया कि सामाजिक कार्यों में वह बढ़ चढ़कर भाग लेते रहे। जिले में जब-जब सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें बुलाया गया, वह दौड़े चले आए।
सियासी मंचों से विरोधियों पर भी बरसे
बागपत। जिले के सियासी मंचों पर भी ठाकुर अमर सिंह ने विरोधियों पर निशाने साधे। साल 2010 में बरनावा में वंचित जमात पार्टी की जनसभा में वह शामिल हुए थे। लोकमंच का गठन करने के बाद भी उन्होंने सपा पर निशाने साधे और जिले में कई जनसभाओं में वह शामिल हुए थे।
रटौल में दरगाह पर चढ़ाई थी चादर
बागपत। साल 1997 में ही ठाकुर अमर सिंह रटौल गांव भी आए थे। पूर्व मंत्री मेराजुद्दीन बताते हैं कि मजार पर चादर चढ़ाई थी। गांव में होने वाले दंगल का उद्घाटन किया था। युवाओं को ग्रामीण पृष्ठभूमि के खेलों में भाग लेने का आह्वान किया था।
निधन पर जताया दुख
बागपत। राज्यसभा सांसद ठाकुर अमर सिंह के निधन पर दुख जताया गया। सिंघावली अहीर गांव के पूर्व प्रधान रामपाल यादव ने कहा कि गांव में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनका गांव से नाता रहा है। इसके अलावा बागपत नगर, बड़ौत और रटौल गांव में उनके निधन पर समर्थकों और परिचितों ने दुख जताया।