बड़ौत। नगर के चार वार्डों में लीकेज की समस्या का समाधान कराने के लिए नगर पालिका दस लाख रुपये खर्च कर चुकी है। दस टीम इस कार्य में जुटी है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस कारण करीब एक हजार से अधिक परिवार दो माह से शुद्ध पानी के लिए तरस रहे है। इसके अलावा गुराना रोड, नेहरू रोड, आर्य नगर, पठानकोट मोहल्ला, गांधी रोड, बावली रोड, छपरौली चुंगी, बड़ौली रोड, बड़का रोड, बिनौली रोड सहित अन्य गलियों में भी घरों तक साफ पानी नहीं पहुंच रहा है।
नगरपालिका परिषद के रिकार्ड के अनुसार नगर की आबादी वर्ष 2011 के हिसाब से 1.08 लाख है। कुल 25 वार्ड है। इनमें 10 हजार पेयजल कनेक्शन धारक है। लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए 23 ट्यूबवेल संचालित है। इसके अलावा 671 हैंडपंप भी लगे हुए है। मगर, दो माह से वार्ड नंबर चार, वार्ड नंबर पांच, वार्ड नंबर 14 और वार्ड नंबर 19 में लीकेज की विकराल समस्या बनी हुई है। लीकेज ढूंढने के लिए पालिका की ओर से दस टीमें गठित की गई है। लेबर, टूट-फूट, मरम्मत, लीकेज कनेक्शनों को ढूंढने व नालों में छोड़ गए पेयजल कनेक्शनों को काटने सहित अन्य आपूर्ति कार्यों में अब तक दस लाख रुपये खर्च हो चुके है।
ईओ अनुज कौशिक ने बताया कि 250 से अधिक ऐसे कनेक्शनों को काटा गया है जो लीकेज थे और नालियों में खुले हुए थे। लीकेज की वजह से नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में पहुंच रहा है। उन्होंने अपील की कि जिन लोगों ने पुराना कनेक्शन कटाकर नया कनेक्शन लिया है, वह अपना पुराना कनेक्शन बंद करा लें।
समस्या का जल्द हो समाधान
वार्ड नंबर पांच के सभासद जीत सिंह कश्यप ने बताया कि वार्ड में लगभग 800 परिवार रहते है। इनमेें से 650 परिवारों के सामने शुद्ध पानी न मिलने की दिक्कत आ रही है। वार्ड नंबर चार के सभासद कालू रुहेला ने बताया कि वार्ड में तकरीबन 750 परिवार रहते है, जिनमें से 350 दूषित पानी पीने को मजबूर है। लीकेज होने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। नेहरू रोड निवासी राजबाला जैन, लक्ष्मी जैन, बिमलेश सक्सेना, राजरानी जैन का कहना है कि दो माह से दूषित पानी पीने को मजबूर है। अब तो गंदा पानी पीकर परिवार के लोग भी बीमार पड़ने लगे है। कई बार लिखित में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्हाेंने जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है।
मेरा मकसद लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराना है। पालिका की दस टीमें लीकेज कनेक्शनों को ढूंढने में लगी हुई है। यदि जल्द ही समस्या से निदान नहीं मिला तो दिल्ली या फिर गाजियाबाद से टीम बुलाकर लोगों को दूषित पानी की समस्या से निजात दिलाया जाएगी। - अमित राणा, पालिका चेयरमैन।