छपरौली समेत आधा दर्जन गांव के लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। टांडा-दिल्ली बस सेवा चार साल से बंद है। इससे छपरौली क्षेत्र के लोगों को डग्गामार वाहनों में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों ने कई बार अधिकारियों से बस सेवा शुरू करने की मांग की, मगर समस्या का समाधान नहीं पाया। सबसे अधिक परेशानी रोजाना कस्बा छपरौली और बड़ौत से आने वाले ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। डग्गामार वाहन संचालन मानक से अधिक सवारी भरकर चलते है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
टांडा से दिल्ली तक रोजाना रोडवेज बस का संचालन किया जाता था। करीब दो साल पहले बस सेवा बंद कर दी गई। बस सेवा होने से रोजाना छपरौली, बड़ौत और दिल्ली जाने वाले लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। बस सेवा बंद होने से टांडा, बौढ़ा, तुगाना, कूड़ी-नांगल, छपरौली, आदर्श नंगला, सिनौली और मलकपुर आदि गांव के लोगों और व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। छपरौली और बड़ौत से पढ़ाई करने के लिए दिल्ली जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है।
कई बार उठाई जा चुकी है मांग
चार साल पहले रोडवेज की बस सेवा बंद कर दी गई थी। बस सेवा फिर से शुरू कराने के लिए कई बार मांग उठाई जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। - मोहम्मद नवाजिश खान, ग्राम प्रधान टांडा।
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दैनिक यात्री सबसे अधिक परेशान
सबसे अधिक परेशानी दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ रही है। टांडा से दिल्ली के लिए सीधी बस सेवा बंद होने से लोगों का सफर लंबा और महंगा हो गया है, जो उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। - ओमपाल सिंह, ग्राम प्रधान कूड़ी
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छात्रों को डग्गामार वाहनों से करना पड़ रहा सफर
बस सेवा बंद होने से ग्रामीणों के साथ-साथ बड़ौत के पढ़ाई करने वाले छात्रों को डग्गामार वाहनों पर लटककर और छतों पर बैठकर सफर करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। लोगों की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। - संजीव खोखर, चेयरमैन छपरौली
जल्द हो समस्या का समाधान
बस सेवा बंद होने से आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मार्ग पर फिर से बस सेवा शुरू कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। - राहुल मान, ग्राम प्रधान आदर्श नंगला