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कोरोना काल में संकोची हो गए थे विद्यार्थी, ऑफलाइन पढ़ाई होने पर आ रहा बदलाव

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शिक्षा का अभियान
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विद्यार्थियों सवाल पूछने की छूट गई थी प्रवृत्ति, कम हो गई थी समझ
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना संक्रमण के कारण दो साल तक स्कूल बंद रहे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई गई। ऑनलाइन पढ़ाई में एक ओर जहां स्मार्टफोन और नेटवर्क के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई, वहीं बच्चों में सवाल पूछने की आदत कम हो गई। एप और वीडियो के माध्यम से पढ़ाई होने के कारण छात्रों और शिक्षकों के बीच दूरी बनना भी पढ़ाई प्रभावित होने का बड़ा कारण रहा। अब स्कूल खुलने पर स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने पर छात्रों के स्वभाव में बदलाव आ रहा है। छात्र धीरे-धीर शिक्षकों से सवाल भी पूछने लगे है।
छूट गई थी सवाल पूछने की आदत
कोरोना काल में एप और वीडियो के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती थी, जिससे बच्चों की पढ़ने की आदत में कमी आई। छात्रों की सवाल पूछने की आदत छूट गई थी। अब छात्र धीरे-धीरे सवाल पूछने लगे है। - मनोज कौशिक, शीलचंद इंटर कालेज, अमीनगर सराय।
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टूट गया था आपसी संपर्क
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान छात्रों और शिक्षकों का आपसी संपर्क टूट गया था। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई। मगर, अब ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने से शिक्षा धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है। - प्रह्लाद यादव, उच्च प्राथमिक विद्यालय सैडभर।
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समय का भी रहा अभाव
ऑनलाइन पढ़ाई में समय का अभाव रहा। शिक्षक छात्रों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते थे। शिक्षक वीडियो बनाकर डाल देते थे, कुछ छात्र ऑनलाइन आते थे तो कुछ नहीं आते थे। अब ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने से दोनों के बीच का संपर्क सीधा और मजबूत हो गया है। - रवि कुमार, सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल
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छूट गई थी समझने की आदत
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान छात्रों की लिखने और समझने की आदत छूट सी गई थी। छात्र वीडियो और एप के माध्यम से एक-दो घंटा ही पढ़ाई करते थे। अब ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने से छात्रों की सोच और समझ में परिवर्तन आ रहा है। - नीरज तोमर, विद्या मंदिर इंटर कालेज, छपरौली
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