बागपत। जिले में सोमवार रात आई पंद्रह मिनट की आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इसके चलते जिला मुख्यालय समेत 110 से अधिक गांवों में रातभर बिजली आपूर्ति ठप रही। मंगलवार दोपहर तक ही सभी जगह आपूर्ति सुचारु हो सकी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंधी के कारण विद्युत लाइनों में कई जगह फॉल्ट आ गए थे। जिला मुख्यालय पर रात करीब साढ़े नौ बजे बिजली गुल हुई थी। छह घंटे बाद आपूर्ति शुरू तो हुई, लेकिन उसके बाद लगातार कट लगते रहे। इससे शहर में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई। लोगों को पीने के पानी और अन्य घरेलू कार्यों के लिए जूझना पड़ा। दूसरी ओर जिले के 110 से अधिक गांवों में पूरी रात बिजली नहीं आई। इन गांवों में मंगलवार सुबह फॉल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल की गई। बिजली बाधित होने से गांवों में पशुओं के लिए चारे और पेयजल का संकट खड़ा हो गया। ग्रामीणों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ा। हालांकि, आंधी से भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली थी।
-इन गांवों में ठप रही बिजली आपूर्ति
थोड़ी देर की आंधी से बागपत शहर, अग्रवाल मंडी टटीरी, सूरजपुर महनवा, सिसाना, मीतली, गांधी, ब्राह्मण पुट्ठी, कोताना, असारा, टांडा, जिवानी, जिवाना, कासिमपुर खेड़ी, किशनपुर बराल, किरठल, रमाला, बूढ़पुर, पिचौकरा, शेखपुरा, मवीखुर्द, मवीकलां, बिनौली, जौहड़ी, माखर, शबगा, ककौरकलां, बदरखा, लूंब समेत 110 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
-गर्मी में बढ़ गए कट
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली के कट भी बढ़ गए हैं। आंधी के बाद बागपत शहर में मंगलवार सुबह बिजली आपूर्ति सुचारू हुई, मगर उसके बाद भी हर पंद्रह मिनट में कट लगते रहे। इस तरह की समस्या बड़ौत, कई गांवों में भी रही। गर्मी में अघोषित कट लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-सोमवार रात थोड़ी देर के लिए आंधी आई, लेकिन कई घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह हैंडपंप से पानी भरना पड़ा। -अनिल कुमार, गौरीपुर जवाहरनगर
-बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण सुबह पशुओं के लिए चारे और पेयजल के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद भी बार-बार कट लगने से परेशानी ज्यादा बढ़ गई। -चीनू शर्मा, गाधी
वर्जन-
आंधी के कारण बिजली लाइन में कई जगहों पर फाल्ट हो गए थे। कर्मियों और अधिकारियों ने उन्हें ठीक कराया। अब सभी जगह आपूर्ति सुचारू है और किसी तरह कोई समस्या नहीं है।- जगदीश चंद्र यादव, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम