डॉ. आत्माराम तोमर हत्याकांड
- हत्यारोपी सुबह 6.42 बजे बाइक पर वहां पहुंचे, 7.27 बजे घटना को अंजाम देकर गए
- डा. आत्माराम ने बचाव के लिए संघर्ष भी किया तो हाथ पर खरोंच के निशान भी आए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। भाजपा नेता डा. आत्माराम तोमर के एक आरोपी ने हाथ पकड़े तो दूसरे ने उनकी छाती पर बैठकर तकिये से मुंह दबा दिया। उनका मुंह तब तक दबाए रखा गया, जब तक उनका दम नहीं निकल गया। डा. आत्माराम तोमर ने बचाव के लिए संघर्ष भी किया, लेकिन वह खुद को छुड़ा नहीं सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। हत्यारोपी करीब 45 मिनट तक घर के अंदर रहे और वहां से घटना को अंजाम देकर भाग गए।
डा. आत्माराम तोमर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिस तरह की बातें सामने आई है, उससे साफ है कि उन्होंने बचाव के लिए संघर्ष किया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे पोस्टमार्टम होने से करीब 30 घंटे पहले हत्या की गई है। उन्होंने बचाव के लिए संघर्ष किया और उनके हाथ पर खरोंच के निशान भी मिले है। माना जा रहा है कि घर में खींचतान के बाद एक हत्यारोपी ने उनके हाथ पकड़ लिए और दूसरे ने छाती पर बैठकर तकिये से मुंह दबा दिया।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हत्यारोपी, 45 मिनट अंदर रहे
डा. आत्माराम तोमर की हत्या करने वाले दोनों आरोपी सीसीवीटी कैमरे में कैद हो गए। दोनों बृहस्पतिवार की सुबह करीब 6 बजकर 42 मिनट पर बाइक से पहुंचे। डा. आत्माराम को फोन करके गेट खुलवाया और अंदर चले गए। इसके 45 मिनट बाद करीब 7 बजकर 27 मिनट पर दोनों घर से बाहर निकलते है। इनमें एक स्कार्पियो गाड़ी लेकर निकलता है तो दूसरा हेलमेट पहनकर बाइक लेकर जाता है। इस बीच ही डा. आत्माराम की हत्या होने की बात कही जा रही है। हत्यारोपियों के अंदर जाने व बाहर निकलने की घटना कैमरे में कैद हो गई।
हत्या के बाद दोबारा घर पहुंचा मुख्य आरोपी
डा. आत्माराम का बृहस्पतिवार रात को शव कमरे में बेड पर पड़ा मिला। सूचना पर रिश्तेदार और उनके करीबी भाजपा नेता पहुंचने शुरू हो गए। डा. आत्माराम की गाड़ी के चालक विजय ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रवीण भी रात में करीब 12 बजे वहां पहुंचा और वह करीब पांच बजे तक रहा। वह पुलिस की पूरी गतिविधि देखता रहा। जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखने की बात कही तो वह फरार हो गया।
ट्योढी की हरिजन चौपाल के पास खड़ी मिली स्कार्पियो
डा. आत्माराम तोमर की हत्या के बाद घर से जिस स्कार्पियो गाड़ी को आरोपी लेकर गए थे, वह ट्योढी में हरिजन चौपाल के पास खड़ी मिली। ट्योढी गांव के एक भाजपा कार्यकर्ता ने गाड़ी खड़ी होने की सूचना पूर्व जिलाध्यक्ष योगेन्द्र सोलंकी को दी। सोलंकी ने इसके बारे में डा. आत्माराम तोमर के पुराने ड्राइवर गोपाल को बताया और पुलिस को सूचना दी गई। गाड़ी के बारे में पता चलने पर पुलिस हरिजन चौपाल पहुंची और गाड़ी को थाने ले आई।
बागपत में खाकी व खादी दोनों असुरक्षित: सूरजपाल
बड़ौत । भाजपा के जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर ने कहा कि जनपद में लगातार अपराध बढ़ रहा है। पुलिस सुरक्षा पर सवाल उठाए है। कहा कि बुधवार की रात ड्यूटी जा रहे हापुड़ के नली गांव के सिपाही अरुण कुमार को बंदपुर मोड पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली मार दी थी और अब भाजपा नेता आत्माराम तोमर की बेहरमी से हत्या कर दी गई। इससे ऐसा लगता है कि जनपद मेें अब न खाकी सुरक्षित है और न ही खादी। बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री से बातचीत कर प्रशासन पर सख्ती करने के लिए कहा जाएगा। कहा कि इस बारे में प्रदेशाध्यक्ष को अवगत कराया जा चुका है।