संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। हिंदी हमारी मातृ भाषा है। हमें गर्व है कि हम हिंदी में बात करते हैं। भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए सभी को एक मंच पर आना होगा। वहीं, रोजगार के साधन सुलभ कराने होंगे, तभी युवाओं को यह भाषा आकर्षित करेगी।
हिंदी आमजन की भाषा
आवास विकास कॉलोनी निवासी गृहणी शिवानी पंवार ने कहा कि हिंदी बोलने से सम्मान मिलता है। इसलिए सभी को एकजुट होकर हिंदी का प्रचार-प्रसार करना चाहिए। कहा कि हिंदी आमजन की भाषा है। अब तो विदेशों में भी हिंदी की गूंज है। हिंदी भाषा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में हिंदी को भरपूर मान मिलेगा।
हिंदी को मान-सम्मान से जोड़ें
शारदा देवी का कहना है कि बीते कुछ समय से हिंदी में बात करने में लोग फिर से गर्व महसूस करने लगे हैं। यह काफी सुखद अनुभव है। पहले अंग्रेजी भाषा को ही लोग मान-सम्मान से जोड़ लेते थे। आम बोलचाल की भाषा में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करें। हिंदी से दूरी नहीं बनानी चाहिए। युवाओं को यदि हिंदी क्षेत्र में ही रोजगार मिलेगा।
अनुभूति की भाषा है हिंदी
शिवानी का कहना है कि हमें खुद भी इस भाषा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना होगा। बहुत मीठी बोली है हिंदी। इसलिए अंग्रेजी के शब्दों की जगह हिंदी का इस्तेमाल करें तो अच्छा है। हिंदी को अनुभूति की भाषा है हिंदी में हम किसी भी विषय को बहुत ही सरलता से दूसरे व्यक्ति को समझा सकते हैं।