- क ोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी नौकरी के नाम पर 13 लाख रुपये ठगने की एफआईआर
- हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी ने पुलिसकर्मी समेत कई के बयान दर्ज किए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बड़ौत कोतवाली में कोर्ट के आदेश पर नौकरी लगवाने के नाम पर 13 लाख रुपये ठगने की फर्जी तरीके से एफआईआर दर्ज करा दी गई। इसका खुलासा होने पर हाईकोर्ट के आदेश पर गठित की गई एसआईटी जांच शुरू कर दी है। एसआईटी ने शनिवार को बड़ौत कोतवाली के पुलिस कर्मी सहित कई के बयान दर्ज किए है।
शाहपुर बड़ौली गांव के रहने वाले प्रवीण तोमर के नाम से पिछले साल अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। इसमें पहचान पत्र प्रवीण का लगा था और उसमें फोटो बागपत के रहने वाले लोकेंद्र का लगाया गया था। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि नौकरी लगवाने के लिए गौरव व श्याम निवासीगण अलीगढ़ व मानस पचौरी निवासी गुरुग्राम ने 13 लाख रुपये लिए है। उन्होंने नौकरी नहीं लगवाई और रुपये भी नहीं लौटाए है। अब रुपये वापस मांगने पर धमकी दे रहे है। प्रार्थना पत्र में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अपील की गई थी। कोर्ट के आदेश पर पिछले साल बड़ौत कोतवाली में यह एफआईआर दर्ज हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद पता चला कि प्रवीण तोमर ने कोई एफआईआर ही दर्ज नहीं कराई है। प्रवीण तोमर ने धोखाधड़ी से एफआईआर दर्ज करने का आरोप लगाते हुए लोकेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया था। पुलिस ने एक महीने पहले लोकेंद्र समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी ने शनिवार को कई के बयान लिए है।
एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर वरिष्ठ अधिकारियों की एसआईटी गठित की गई है और वह इस मामले में जांच कर रही है।