बागपत। कोरोना महामारी की वजह से अंतिम संस्कार करना भी महंगा हो गया है। इसमें इस्तेमाल होने वाले सामान के दाम दोगुने-चौगुने हो गए हैं। लकड़ी से लेकर अर्थी तक सभी की कीमतें बढ़ गई हैं। ऐसे में कुछ लोगों ने आपदा में कफन को भी अवसर में बदल लिया है। बड़ौत में ऐसे ही सात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वे कफन चोरी कर बाजार में बेच रहे थे।
जिले में कोरोना संक्रमण और जानलेवा बुखार से हर रोज बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं। आम दिनों में श्मशान में जहां एक दिन में 2 या 3 शव आते थे। वहीं, अब अंतिम संस्कार के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, लकड़ी व अन्य दूसरे सामान की कमी की वजह से उनके रेट भी बढ़ गए हैं। अंतिम संस्कार के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है। कोरोना महामारी में खाने-पीने की चीजों और दवा में कई लोग मुनाफाखोरी कर रहे थे। अब कफन चोरी करने वाले सामने आ गए हैं। बड़ौत के इस गैंग के शर्मनाक कुकृत्य के बारे में सुनकर लोग सन्न हैं।
अंतिम संस्कार का सामान भी महंगा
अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियों के दाम आसमान छू रहे हैं। एक शव के अंतिम संस्कार में करीब चार क्विंटल लकड़ी लगती हैं। पिछले कुछ महीनों तक ये लकड़ी 500 रुपये क्विंटल मिलती थीं। अब इनके दाम 900 रुपये से ज्यादा कर दिए हैं। लकड़ी के अतिरिक्त शक्कर, घी, अर्थी के लिए बांस, मखाना, शहद, कफन, फूल, राब, कपूर आदि भी बहुत महंगे हो गए हैं। अर्थी के लिए बांस पहले 100 रुपये में मिलता था अब 200 रुपये हो गया है। कफन का रेट 100 रुपये हैं। कपूर पहले 50 ग्राम 110 रुपये का मिलता था परंतु अब कीमत 125 से 140 रुपये हो गई है। वहीं, बूरा 50 रुपये किलो मिल रही है।