बागपत के बड़ौत क्षेत्र के बावली गांव निवासी सात परिवाराें ने लगातार मांगी जा रही रंगदारी से परेशान होकर गांव छोड़ने का निर्णय लिया है। पीड़ित परिवार कोतवाली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई करने की मांग की। उधर, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
बावली गांव निवासी प्रियंक जैन परिवार के अन्य लोगों के साथ कोतवाली पहुंचा। तहरीर देकर बताया कि गांव में वह और उनके सात परिवार 70 साल से भी अधिक समय से हलवाई का काम करते आ रहे हैं। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोग उनसे रंगदारी वसूलते है। डेढ़ साल से उन्हें परेशान किया जा रहा हैं। दस अगस्त की रात चार नकाबपोश लोगाें ने घर पर हमला बोल दिया था। हवाई फायरिंग करते हुए घर में घुस गए और ढाई लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। उन्हें लगातार धमकी दी जा रही है। इससे वह और उनके परिवार वाले भयभीत है। लगातार मिल रही धमकियों के कारण अब वह और अन्य परिवार वाले गांव छोड़ने का मन बना चुके हैं। 15 अगस्त के बाद सभी गांव छोड़ देंगे।
उधर, सीओ आलोक कुमार का कहना है कि पीड़ित की तहरीर पर जांच शुरू कर दी गई है। इसके बाद मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी से कराई मोबाइल पर बात
प्रियंक ने मोबाइल से डीजीपी मुकुल गोयल की कोतवाल शिव प्रकाश सिंह से बातचीत कराई। डीजीपी ने कोतवाल शिव प्रकाश से पूरे प्रकरण की निष्पक्षता के साथ जांच कर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर माह वसूल रहे महीना
पीड़ित प्रियंक जैन का आरोप है कि चार माह से आरोपियों ने गांव में रह रहे जैन समाज के परिवारों को पूरी तरह से तंग कर रखा है। परिवारों से महीना वसूला जाता है, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप है कि अवैध वसूली करने वाले आरोपियों से एक पुलिस विभाग में भी है।
झूठी शिकायत पर डलवाते है छापा
प्रियंक जैन ने बताया कि गांव में बावली के पेडे़ के नाम से उनकी दुकान है। आरोप है कि अलग-अलग विभागों के अफसरों से मिलीभगत कर उनकी दुकान पर छापा डलवाया जाता है। बाद में उनसे हर महीने डरा धमकाकर वसूली की जाती है।