अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राजकुमार का कहना है कि डेंगू या स्क्रब टाइफस के मरीज मंडल में बढ़ रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। अस्पतालों में डेंगू वार्ड बने हैं और जांच की भी सुविधा उपलब्ध है। स्क्रब टाइफस के लक्षण मिलने पर तुरंत टेस्ट कराएं। अपंजीकृत डॉक्टर से इलाज न कराएं। टाइफस आरिएंटिया त्सुत्सुगामशी बैक्टीरिया के कारण होती है। मंडल में अलग से टीमें गठित की गई हैं।
फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि स्क्रब टाइफस में मरीजों के जोड़ों में दर्द होता है। बुखार के साथ शरीर पर निशान पड़ जाते हैं। 7 से 8 दिन में मरीज ठीक हो जाता है। जिन लोगों को लंबे समय से बुखार या स्किन पर निशान बना रहता है।
स्क्रब टाइफस
| जिला |
मरीजों की संख्या |
| गाजियाबाद |
34 |
| गौतमबुद्धनगर |
03 |
| हापुड़ |
02 |
| मेरठ |
01 |
| बुलंदशहर |
01 |
| बागपत |
01 |
| |
|
डेंगू की स्थिति
| जिला |
मरीजों की संख्या |
| गाजियाबाद |
125 |
| गौतमबुद्धनगर |
16 |
| हापुड़ |
08 |
| मेरठ |
177 |
| बुलंदशहर |
01 |
| बागपत |
11 |
कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला : शनिवार को 4631 सैंपलों की जांच हुई। इनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। सक्रिय केस तीन हैं, इनमें एक अस्पताल और दो घर पर हैं। ब्लैक फंगस के 348 मरीज मिल चुके हैं।