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कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान छूट गई थी विद्यार्थियों के लिखने की आदत

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बागपत। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान छात्रों की लिखने की आदत छूट गई। स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने पर विद्यार्थियों को खिलने में परेशानी हो रही है। अब शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ रही है। स्कूलों में बच्चों को इमला और नकल कराकर लिखने की आदत डलवाई जा रही है। कोरोना काल में स्कूल-कॉलेज बंद हो गए थे। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए एप, वर्चुअल क्लास के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई थी। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान शिक्षकों और छात्रों का संपर्क कम हो गया था। पढ़ाई का समय कम होने के कारण छात्रों की लिखने की आदत छूट गई। अब स्कूल खुलने पर पढ़ाई शुरू हो गई है। शिक्षकों को छात्रों की पढ़ाई से लेकर लिखाई तक के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ रही है।
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छूट गई लिखने की आदत
कोरोना काल में छात्रों की लिखने की आदत छूट गई थी। स्कूल-कॉलेज खुलने पर छात्रों को परेशानी हुई। उन्हें पुरानी लय में लाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ रही है।-अजय राज शर्मा, दिगंबर जैन इंटर कॉलेज बड़ौत
कोरोना काल में पढ़ाई पर रहा फोकस
कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान केवल छात्रों की पढ़ाई पर फोकस रहा और लिखने का काम काफी रहा। जिससे छात्रों की लिखाई प्रभावित हुई। स्कूल खुलने पर छात्रों में लिखने में परेशानी आई। - राकेश द्धिवेदी, शीलचंद इंटर कॉलेज
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करनी पड़ रही अधिक मेहनत
कोरोना काल में छात्रों और शिक्षकों के बीच संपर्क कम रहा। जिससे छात्रों की पढ़ाई से ज्यादा लिखाई अधिक प्रभावित हुई। दो साल बाद स्कूल खुलने पर छात्रों के साथ अधिक मेहनत करनी पड़ रही है।-राहुल मान, सीएचएस इंटर कालेज आदर्श नंगला
परीक्षा में आ रही परेशानी
छात्र दो साल तक स्कूल-कॉलेजों से दूर रहे। जिससे उनका शिक्षा के स्तर पर काफी प्रभाव पड़ा। सबसे अधिक असर लिखाई पर पड़ा। छात्र पढ़ाई के साथ-साथ लिखना भूल गए थे। इसका असर परीक्षा में देखने का मिला।-तेजवीर यादव, श्री कृष्णा इंटर कॉलेज बालैनी
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