- डेढ़ साल में 16 लाख रुपये की नकली दवाइयां जब्त
- नौ लाइसेंस निलंबित, पांच किए निरस्त, दस एफआईआर कराई दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में नकली दवाइयों की बिक्री बढ़ रही है। औषधि प्रशासन विभाग ने पिछले डेढ़ साल में 16 लाख रुपये की नकली दवाइयां जब्त की है। नकली दवाइयों की बिक्री करने पर नौ लाइसेंस निलंबित और पांच लाइसेंस निरस्त किए गए है। विभाग ने नकली व अमानक दवाइयों की बिक्री करने पर दस एफआईआर दर्ज कराई है। एक नकली दवाई का मुकदमा विवेचनाधीन है।
जिले में वर्ष 2020-2021 में छापा मार अभियान चलाकर 37 दवाइयों के सैंपल लिए गए। इनमें से विभाग को 12 की जांच रिपोर्ट मिली, जबकि वर्ष 2021-22 में एक अप्रैल से 31 जुलाई तक 55 सैंपल जांच के लिए भेजे गए, इनमें से 17 सैंपल की रिपोर्ट ही विभाग को मिली है। औषधि प्रशासन विभाग ने चेकिंग अभियान चलाकर वित्त वर्ष 2020-21 में पांच लाख रुपये और छह एफआइआर दर्ज कराई गई। इसके अलावा नौ लाइसेंस निलंबित और पांच लाइसेंस निरस्त किए है। वित्त वर्ष 2021-22 में जिले में 11 लाख रुपये की नकली दवाइयां जब्त कर चार एफआईआर दर्ज कराई गई। विभाग ने 31 जुलाई तक 55 नमूने जांच के लिए भेजे, इनमें से विभाग को 17 नमूनों की रिपोर्ट मिली है। इनमें एक नमूना नकली, दो नमूने अमानक और एक नमूना मिस ब्रांड मिला।
रिपोर्ट में देरी होने से कार्रवाई में देरी
ड्रग्स इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने बताया कि विभाग ने गत वर्ष 37 नमूने लिए थे। इनमें से 12 नमूनों की रिपोर्ट मिली है और इस वर्ष लिए गए 55 नमूनों में से विभाग को 17 नमूनों की ही रिपोर्ट मिली है। रिपोर्ट मिलने में देरी होने के कारण नकली व अमानक दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में देरी होती है।
नकली दवाइयां बेचने पर दस लाख का जुर्माना और उम्रकैद का प्रावधान
ड्रग्स इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने बताया कि नकली दवाइयों की बिक्री करने पर दस लाख रुपये तक का जुर्माना और उम्र कैद का प्रावधान है। पिछले डेढ़ साल में विभाग ने 16 लाख रुपये की दवाइयां जब्त कर दस एफआईआर दर्ज कराई है। नकली दवाईयां बेचने वाले कुछ लोगों के खिलाफ विवेचना चल रही है तो कुछ के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किए जा चुके है।