लाल किले पर नारेबाजी करते रालोद कार्यकर्ता और किसान
- फोटो : अमर उजाला
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई हिंसक झड़पों में रालोद नेताओं की भूमिका की जांच शुरू हो गई है। छपरौली से रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी के नेतृत्व में कार्यकर्ता लाल किला परिसर तक पहुंच गए थे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसके बाद कार्यकर्ता वापस लौट आए थे।
गणतंत्र दिवस पर लाल किला पर धार्मिक निशान चढ़ाए जाने के मामले की जांच चल रही है। गाजीपुर बॉर्डर से भी लाल किला तक किसानों का जत्था पहुंच गया था। दिल्ली पुलिस जिन वीडियो और तस्वीरों की जांच कर रही है, उनमें छपरौली के पूर्व विधायक वीरपाल राठी, रालोद नेता सुदेश मलिक समेत अन्य कई कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि रालोद नेताओं की लाल किले पर क्या भूमिका रही थी।
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एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने जिले के लगभग 50 लोग अब तक चिन्हित किए हैं। इनमें कौन-कौन है, स्थानीय स्तर पर इनपुट नहीं दिया गया है। अगर जांच और कार्रवाई में सहयोग मांगा जाएगा तो दिया जाएगा।
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वहीं पूर्व विधायक वीरपाल राठी का कहना है कि ट्रैक्टरों की रैली के साथ किसान लाल किले के परिसर तक चले गए थे। जिले के किसी भी व्यक्ति ने अनुशासन नहीं तोड़ा था।
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