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रालोद कार्यकर्ताओं ने गुड़ बांटकर मनाई खुशी

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कृषि कानून वापिस की घोषणा पर रालोद कार्यकर्ताओं ने गुड बांटकर खुशी मनाई - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। कृषि कानून वापसी की घोषणा के बाद रालोद के जिला कार्यालय पर कार्यकर्ता एकत्र हुए। कृषि कानून वापसी की घोषणा पर खुशी जताते हुए गुड़ बांटा गया। मंडल महासचिव ओमबीर ढाका ने कहा कि कानून के विरोध में किसान एक साल से धरना दे रहे थे। सरकार को किसानों के सामने झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय चौधरी अजीत सिंह व जयंत चौधरी ने किसानों के हक के लिए लड़ाई लड़ी। यह किसानों की जीत है। इस दौरान उस्मान, अमित, योगेंद्र, महेश, सलीम, राजकुमार, गजेंद्र सिंह, जितेंद्र, रामकुमार, जितेंद्र, सतेंद्र, निसार मौजूद रहे।
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संसद में कानून रद्द न होने तक जारी रहेगा आंदोलन
बड़ौत। नए कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद पूर्व जिला पंचायत सदस्य व रालोद नेता संजीव मान की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कृषि कानून वापस करने की घोषणा पर खुशी जताई गई। उन्होंने तक कि जब तक कानून संसद मेें रद्द नहीं हो जाता, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर मोहित मुखिया, मास्टर आनंद छिल्लर, पप्पन राणा, रामछैल पंवार, यशवंत तोमर मौजूद रहे। संवाद
लखनऊ में होने वाली पंचायत मेें किया जाएगा मंथन: नरेश टिकैत
बड़ौत। लुहारी गांव में किसानों की बैठक में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि जब तक कृषि कानून संसद में खत्म नहीं होता और एमएसपी पर कानून लागू नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 22 नवंबर को इसको लेकर लखनऊ मेें पंचायत कर मंथन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून वापसी की घोषणा भी किसानों की जीत के लिए पहला कदम है और सरकार को आखिर किसानों की मांग पूरी करनी पड़ी। इस मौके पर बबलू, हरेन्द्र, यशपाल, धर्मवीर, जयपाल, अशोक, राजन, महावीरा, नरेन्द्र, बिल्लू, गुडडू, महिपाल, वेदपाल, सत्यपाल, कृष्ण मौजूद रहे। संवाद
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किसानों ने मिठाई खिलाकर मनाया जश्न
खेकड़ा। कृषि कानून वापस करने की घोषणा पर सांकरौद गांव में किसानों ने लड्डू बांटकर खुशी जताई। किसानों का कहना था कि कृषि कानून की वापस की घोषणा किसानों की बड़ी जीत है। इस मौके पर देवेंद्र धामा, राहुल धामा, धर्मेंद्र कुमार, पप्पू, भीम सिंह, अजय धामा, राजेन्द्र, आशुतोष धामा, ओमबीर मास्टर, रणजीत सिंह, चंद्रपाल सैनी, रविंद्र धामा, सौरभ, धर्मवीर सिंह, हिमांशु धामा मौजूद रहे। संवाद
कृषि कानून वापस की घोषणा पर किसानों ने मनाया जश्र
अमीनगर सराय। हिसावदा गांव के गन्ना क्रय क्रेंद पर किसानों ने कृषि कानून वापस लेने की घोषणा पर खुशी मनाई। उन्होंने कहा कि यह किसानों की जीत और सरकार की हार है। इस मौके पर गौरव मलिक, विकास, सोम, योगेंद्र, सचिन ,गौरव, पुनीत, सुनील मलिक, गजेंद्र सांगवान मौजूद रहे। संवाद
आंदोलन में शहीद हुए किसानों को नमन किया
बिनौली। तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा पर किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने खेतों में ही गन्ने हाथों में लेकर खुशी का इजहार किया। किसानों का कहना है कि कृषि कानून वापस लेना किसानों की बड़ी जीत है। किसानों ने आंदोलन में शहीद हुए किसानों को नमन कर उनका आभार व्यक्त करते है। इस मौके पर शिव नारायण दादरी, बिट्टू धामा, विक्की, रमेश, ओमप्रकाश, दीपू, सरबती, जशवीरी रहे। संवाद
धरने में शहीद हुए किसानों के प्रति संवेदना व्यक्त की
चांदीनगर। तीनों कृषि बिल वापसी की घोषणा पर ढिकोली गांव में विक्रम के आवास पर किसानों की बैठक हुई। इसमें धरने में शहीद हुए किसानों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के कड़े संघर्ष के आगे घुटने टेकने पड़े है। किसानों ने मिठाई बांट कर खुशी जाहिर की। उदयवीर सिंह, संचालन नीरज ढाका, राजकुमार, नरेश, बाबू, कर्मवीर सिंह, नीरज कुमार, ब्रजपाल, संदीप, कपिल रहे।
किसानों ने डीजे बजाकर जुलूस निकाला
दोघट। प्रधानमंत्री द्वारा कृषि कानून वापसी करने की घोषणा पर दाहा में पप्पन राणा के आवास पर रालोद कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। कार्यकर्ताओं ने डीजे की धुन पर नाचते हुए जुलूस निकाला। हालांकि उनका कहना था कि कृषि कानून वापसी की घोषणा अभी अधूरी है। विकास राणा, रणवीर, गुल्लू राणा, बिजेंद्र सिंह, सोनू, विनोद राणा, इंद्रपाल, ओम, कालू, राजा पहलवान, रमेश, ऋषिपाल, सत्यवीर, जग्गू, राजेंद्र सिंह, रामू, पप्पन राणा मौजूद रहे।
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