बड़ौत। वर्ष 2020 में लगे संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान जिले में करीब चार हजार से अधिक श्रमिक लौटकर घर आए थे। महामारी में आई कमी व लॉकडाउन से मिली ढील से कई तो काम की तलाश में बाहर लौट गए। मगर, कई ऐसे है जो पंचायती चुनाव में बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य पद पर अपनी किस्मत आजमा रहे है।
फतेहपुर पुट्ठी गांव के रहने वाले विनोद कुमार भी क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर चुनाव लड़ रहे है। वह पांच साल से दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, लोनी आदि जगहों पर जाकर मजदूरी करते आ रहे है। अप्रैल-मई 2020 में पूर्ण रूप से लॉकडाउन लग गया तो वहां काम बंद हो गया तो घर लौट आए। कहना है कि अब कमाने के लिए परदेश नहीं जाएंगे। इसके अलावा कोताना गांव के इरफान भी ग्राम पंचायत सदस्य के पद पर चुनाव लड़ रहे है। वह भी लॉकडाउन में घर लौट आए थे। इसके अलावा ऐसे बहुत से श्रमिक है जो लॉकडाउन में लौट आए थे और इस पंचायत चुनाव में ताल ठोंक रहे है। सभी का कहना है कि गांव में ही रहकर समाज में दबे, कुचले व गरीब-मजदूरों की सेवा करेंगे।