- गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर पर लगाया गोली मारने का आरोप, पुलिस अफसरों ने किया शांत
- हंगामे के बाद हिस्ट्रशीटर का नाम पुलिस ने किया मुकदमे में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रमाला थाने के जिवाना गांव में किसान रणवीर की हत्या के मामले में परिजनों व ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस पर जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि गांव निवासी एक हिस्ट्रीशीटर भी रणवीर की हत्या में शामिल था। उसने ही सीने में गोली मारी थी। परिजनों ने आरोपी का नाम मुकदमे में शामिल किए जाने की मांग की। मांग पूरी होने तक शव घर न ले जाने का एलान कर दिया। पुलिस अफसरों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। सके बाद परिजन शांत हुए और शव लेकर गांव के लिए रवाना हुए। उधर, पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मयंक पुत्र सहदेव उर्फ पप्पू का नाम भी मुकदमे में शामिल कर लिया।
जिवाना गांव में बृहस्पतिवार शाम किसान रणवीर की खेत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने गांव के पिता-पुत्र और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। हत्या की वजह खेत में कूड़ा डालने का विरोध बताया था। पुलिस ने एक आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसका पुत्र विशु अभी भी फरार है। शुक्रवार को जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस से परिजन शव लेने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारी उनके सामने ही ताला लगाकर चला गया। इस पर परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर सीओ बागपत अनुज मिश्रा और रमाला इंस्पेक्टर रवेंद्र कुमार फोर्स के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव का ही हिस्ट्रीशीटर मयंक पुत्र सहदेव उर्फ पप्पू भी हत्या में शामिल था। उसने ही रणवीर के सीने में गोली मारी थी। डर की वजह से उसका नाम तहरीर में नहीं दिया गया था। उसका नाम मुकदमे में शामिल किया जाए। चेतावनी दी कि जब तक हिस्ट्रीशीटर का नाम मुकदमे में शामिल नहीं होगा, तब तक शव घर नहीं ले जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें किसी तरह शांत किया। इसके बाद ग्रामीण शव लेकर चले गए। इंस्पेक्टर रवेंद्र सिंह ने बताया कि मयंक का नाम मुकदमे में शामिल कर लिया गया है। उसे और विशु को तलाश किया जा रहा है।