बड़ौत। किसान के यहां पैदा हुई बेटी ने मां का सपना साकार करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत कर मुकाम हासिल किया और परिजनों का मान बढ़ाया। फिर कामयाब होकर अपने छोटे भाई व बहन के अलावा 10 से अधिक युवाओं को कामयाब बनाया। आज भी जरूरतमंद बच्चों के जीवन में शिक्षा के माध्यम से खुशियां बिखेरने का काम जारी है।
हम बात कर रहे हैं दोघट कस्बे के किसान ओमपाल की होनहार बेटी रूबी की। रूबी ने जिंदगी के संघर्ष को अपनी ताकत बनाया। रूबी बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रही। पिता ओमपाल किसान हैं, मां सरला भी ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं थीं, लेकिन मां का सपना था कि उसके बच्चे कामयाब होकर परिजनों का नाम रोशन करे। मां सरला बीमार पड़ी तो रूबी व अन्य बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी।