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Rakshabandhan 2024: संघर्ष से पाया मुकाम, मां का सपना पूरा कर बढ़ाया परिजनों का मान

Tue, 20 Aug 2024 12:54 PM IST
डिंपल सिरोही मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बड़ौत, बागपत
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रूबी भाई अंकुश और बहन रूपा के साथ - फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। किसान के यहां पैदा हुई बेटी ने मां का सपना साकार करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत कर मुकाम हासिल किया और परिजनों का मान बढ़ाया। फिर कामयाब होकर अपने छोटे भाई व बहन के अलावा 10 से अधिक युवाओं को कामयाब बनाया। आज भी जरूरतमंद बच्चों के जीवन में शिक्षा के माध्यम से खुशियां बिखेरने का काम जारी है।

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हम बात कर रहे हैं दोघट कस्बे के किसान ओमपाल की होनहार बेटी रूबी की। रूबी ने जिंदगी के संघर्ष को अपनी ताकत बनाया। रूबी बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रही। पिता ओमपाल किसान हैं, मां सरला भी ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं थीं, लेकिन मां का सपना था कि उसके बच्चे कामयाब होकर परिजनों का नाम रोशन करे। मां सरला बीमार पड़ी तो रूबी व अन्य बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी।

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यह देख मां परेशान हुई और बेटी रूबी से वादा लिया कि खुद भी कामयाब बनकर दिखाओगी और अपने भाई व बहनों को भी बनाओगी। इस वादे के साथ ही वर्ष 2005 मेंं बीमारी के चलते मां सरला का निधन हो गया। पिता भी बीमार पड़ गए, लेकिन मां से किया वादा रूबी नहीं भूली।

आखिकार मेहनत रंग लाई और पहले ही प्रयास मेंं रूबी जल संसाधन मंत्रालय में लेखाधिकारी के पद पर नियुक्त हो गई। अब उसका सपना अपने छोटे भाई अंकुश व छोटी बहन रूपा को वर्दी पहने देखना था। इसलिए नौकरी के बीच जब भी रूबी का समय लगता वह दोनों को पढ़ाती। आज छोटा भाई अंकुश दिल्ली पुलिस में कार्यरत है, छोटी बहन रूपा यूपी पुलिस में नाैकरी कर रही है।

इतना ही नहीं रूबी के विद्यार्थियों में अखिलेश यूपी पुलिस, सोनू पंवार एयर फोर्स समेत दस से अधिक विद्यार्थी अलग-अलग जगहों पर सरकारी नौकरियों में कार्यरत हैं। रूबी का यह अभियान आज भी जारी है। आज भी जरूरतमंद बच्चों के जीवन में शिक्षा के माध्यम से खुशियां बिखेरने का काम रूबी का जारी है।
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