बागपत। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के पदाधिकारी कितने सक्रिय हैं, इसकी पोल रविवार देर शाम पश्चिमी उप्र के चुनाव प्रभारी सांसद संजय भाटिया के सामने खुल गई। छपरौली विधानसभा क्षेत्र की बैठक में उनके सामने शक्ति केंद्रों के 120 प्रभारियों व संयोजकों में महज 12 ही पहुंचे। यह देख चुनाव प्रभारी भडक़ गए तो उनके सामने ही दो पूर्व जिलाध्यक्ष आपस में भिड़ गए और उनमें काफी देर तक नोकझोंक हुई।
भाजपा के पश्चिमी उप्र के चुनाव प्रभारी सांसद संजय भाटिया ने रविवार को विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बागपत व बड़ौत के बाद वह देर शाम छपरौली विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने किशनपुर बराल पहुंचे। वहां एक स्कूल में बैठक रखी गई थी। छपरौली विधानसभा क्षेत्र में चार मंडल छपरौली, किशनपुर बराल, दोघट व बिनौली हैं। जिनमें बिनौली मंडल के प्रभारी डॉ. कुलप्रकाश, दोघट के लोकेश दीक्षित, किशनपुर बराल के वेदपाल उपाध्याय, छपरौली के सतेंद्र पंवार हैं।
इन चारों मंडलों में 60 शक्ति केंद्र हैं और इन सभी शक्ति केंद्रों में एक संयोजक व एक प्रभारी बनाया हुआ है। इस तरह 60 शक्ति केंद्र संयोजक व 60 ही प्रभारी हैं। जिनको बैठक में मौजूद रहना था। बैठक में काफी कम पदाधिकारी दिखाई देने पर शक्ति केंद्र प्रमुखों व संयोजकों के हाथ खड़े कराए तो 120 में केवल 12 ही मिले। जिस पर चुनाव प्रभारी ने कड़ी नाराजगी जताई। वहां एक मंडल अध्यक्ष से शक्ति केंद्रों के बारे में पूछा तो उनको अपने मंडल के शक्ति केंद्रों के बारे में जानकारी तक नहीं थी। वहां दो पूर्व जिलाध्यक्ष भी आपस में भिड़ गए और उनमें काफी देर तक खींचतान चलती रही। इस तरह की स्थिति देख चुनाव प्रभारी ने नाराजगी जताते हुए बैठक को दोबारा कराने के लिए कहा। यह 15 नवंबर को दोघट में होगी।