उत्तर प्रदेश के बागपत में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना जिले के सभी छह ब्लॉकों में छिटपुट हंगामे के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। जिससे सभी 244 गांवों में नई सरकार बन गई। 20 जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम भी घोषित कर दिए गए।
साथ ही 505 क्षेत्र पंचायत पदों में से 22 और 3322 ग्राम पंचायत सदस्य पदों में से 1778 ग्राम पंचायत सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम राजकमल यादव और एसपी अभिषेक सिंह ने मतगणना केंद्रों का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने विजेता प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हुए विजय जुलूस न निकालने की आह्वान किया। आईजी ने नियम तोड़ने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
जिले में 20 जिला पंचायत सदस्य, 244 ग्राम प्रधान, 505 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 3322 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए 19 अप्रैल को मतदान हुआ था। जिसमें करीब 5.93 लाख मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग कर 5310 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला मतपेटी में कैद कर दिया था।
रविवार को मतगणना प्रक्रिया सुबह आठ बजे शुरू होनी थी, लेकिन लगभग सभी केंद्रों पर देरी से शुरू हुई। मतगणना की रफ्तार भी धीमी रही। हालांकि रविवार दोपहर से ही ग्राम प्रधान पद के नतीजे आने शुरू हो गए थे। रविवार रात के बाद सोमवार को भी दिन में भी मतगणना प्रक्रिया जारी रही। शाम को मतगणना के सभी नतीजे घोषित कर दिए गए। मतगणना के दौरान केंद्रों पर छिटपुट हंगामे भी हुए। जिन्हें शांत करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
बागपत, बड़ौत, छपरौली, खेकड़ा, बिनौली और पिलाना ब्लॉक की मतगणना के दौरान हंगामा करने वाले कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। कोरोना महामारी के मद्देनजर चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते प्रत्याशी जीतने के बाद खुलकर जश्न नहीं मना सके।
वहीं, छपरौली ब्लॉक के रठौड़ा गांव में प्रधान पति ने ऊंट पर सवार होकर जुलूस निकाला तो पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। इसके अतिरिक्त कई बार पुलिस को भीड़ तितर-बितर करने के लिए लाठी फटकारनी पड़ी।