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ऑनलाइन निगरानी फेल, चार पेपर दे चुके थे दोनों युवक

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बड़ौत (बागपत)। जनता वैदिक इंटर कॉलेज में पंजीकृत छात्रों की जगह परीक्षा देते पकड़े गए दोनों युवकों ने नकल पर अंकुश लगाने के शिक्षा विभाग के तमाम दावे फेल कर दिया। परीक्षा की ऑनलाइन निगरानी भी आरोपियों को नहीं पकड़ पाई। यहीं वजह रही कि दोनों युवक एक के बाद एक चार पेपर दे चुके थे। शनिवार को सामाजिक विज्ञान की पांचवीं परीक्षा देते हुए दोनों को पकड़ा गया।
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इस बार शासन के निर्देशों पर परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने तमाम इंतजाम किए है। जनपद में कंट्रोल रूम के अलावा परीक्षा की ऑनलाइन निगरानी तक की गई। परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी से लेकर परीक्षकों की तैनाती तक में बेहद सतर्कता बरती गई। मगर, शनिवार को चेतना इंटर कॉलेज के पंजीकृत छात्रों अर्पित तोमर व युगांधर चौधरी की जगह जनता वैदिक इंटर कॉलेज में परीक्षा देते हुए पकड़े गए आरोपियों सचिन और अंकित निवासीगण गांगनौली ने इस व्यवस्था को धड़ाम कर दिया। खास बात यह रही कि दोनों आरोपी पकड़े जाने से पहले चार महत्वपूर्ण पेपर दे चुके थे।
इन-इन तारीखों मेें दिए पेपर
तारीख परीक्षा
24 मार्च हिंदी
28 मार्च आर्ट
4 अप्रैल अंग्रेजी
6 अप्रैल विज्ञान
9 अप्रैल सामाजिक विज्ञान के पेपर में दोनों पकड़े गए
ये था मामला
बड़ौत। को जेवी इंटर कॉलेज से केंद्र व्यवस्थापक डॉ. यशपाल शास्त्री, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक रामफल राम व स्टेटिक मजिस्ट्रेट महेश चंद ने चेकिंग के दौरान कक्ष संख्या चार से चेतना इंटर कॉलेज, किशनपुर बराल के पंजीकृत छात्र अर्पित तोमर पुत्र बिजेंद्र सिंह के स्थान पर सचिन कुमार पुत्र विनोद निवासी गांगनौली व कक्ष संख्या आठ से चेतना इंटर कॉलेज किशनपुर बराल के पंजीकृत छात्र युगांधर चौधरी के स्थान पर अंकित कुमार पुत्र पवन कुमार निवासी गांगनौली परीक्षा देते हुए पकड़ लिया। इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक डॉ. यशपाल शास्त्री की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने देर रात ही चेतना इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य मोना, कॉलेज की प्रबंध समिति के अलावा पकड़े गए दोनों आरोपियों सचिन व अंकित निवासीगण गांगनौली और पंजीकृत छात्र अर्पित व युगांधर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने प्रदीप नामक उस युवक को भी हिरासत में ले लिया था, जिसने 15-15 हजार रुपये में यह सौदा कराया था।
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छात्रों से लिए 50-50 हजार रुपये, मुन्ना भाइयों को दिए थे मात्र दस हजार
बड़ौत। मामले के जांच अधिकारी उपनिरीक्षक कृपेंद्र ने बताया कि मास्टर माइंड प्रदीप ने पकड़े गए सचिन व अंकित को प्रत्येक पेपर देने के लिए तीन-तीन हजार रुपये मेें राजी किया था जबकि पंजीकृत छात्र अर्पित और युगांधर से प्रदीप ने 50-50 हजार रुपये ले रखे थे। प्रदीप ने अभी तक अंकित व सचिन को मात्र 10 हजार यानी पांच-पांच हजार रुपये दिए थे जबकि 20 हजार रुपये परीक्षा के बाद देना तय किया था। सचिन के हाईस्कूल में 75 और इंटर 74.6 फीसदी अंक थे जबकि अंकित के हाईस्कूल में 80, इंटर में 69 और बीए 54 प्रतिशत अंक है। प्रदीप ने इसी प्रतिभा का फायदा उठाया और रुपये के लालच में फंसा लिया।
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