बागपत। नगर पालिका में दुकान आवंटन में गड़बड़ी के कारण हुए राजस्व नुकसान की सभी जिम्मेदारों से रिकवरी की जाएगी। इसके लिए शासन ने राजस्व नुकसान का आंकलन करने के आदेश दिए तो अभी तक करीब एक करोड़ रुपये का आंकलन किया गया है। इस तरह मामले में शासन सख्त दिख रहा है। वहीं दुकान आवंटन में गड़बड़ी करने वालों की परेशानी बढ़ती दिख रही है।
बागपत गन्ना समिति के चेयरमैन प्रदीप ठाकुर ने अप्रैल 2023 में शासन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि नगर पालिका की दुकानों के जिन आवंटियों की मौत हो गई और जिनको दूसरे को बेच दिया गया, उनको शपथ पत्र के आधार पर नियम विरुद्ध दूसरों के नाम दर्ज कर दिया गया। उनकी नगर पालिका को दोबारा नीलामी करनी थी। ऐसा नहीं करने से सरकार को 1,39,00,000 की राजस्व हानि हुई है।
इस पर शासन के विशेष सचिव सत्य प्रकाश पटेल ने डीएम को पत्र भेजा है कि शिकायत के आधार पर की गई जांच में यह स्पष्ट नहीं है कि राजस्व की हानि कितनी हुई है। इसलिए दुकान आवंटन में गड़बड़ी से राजस्व की कितनी हानि हुई है, इसका आंकलन कराया जाए। जिससे इस पूरे मामले में जिम्मेदार नगर पालिका अधिकारी, कर्मचारी, चेयरमैन सभी से उसके अनुसार ही रिकवरी की जा सके।
इसकी फाइलों के आधार पर अभी तक जांच कराई गई तो करीब एक करोड़ रुपये की राजस्व हानि की बात कही जा रही है। इसकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है,जो जल्द ही पूरी होने की बात कही जा रही है। उसके बाद ही शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
राजस्व हानि के आंकलन के लिए पत्र आया है और उसके आधार पर जांच की जा रही है। इसमें जिस तरह की स्थिति होगी, वह रिपोर्ट भेज दी जाएगी। -केके भड़ाना, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बागपत