बागपत। एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित व करतार सिंह भड़ाना के आचार संहिता उल्लंघन और गुड्डू पंडित के मारपीट के मामले में गैर जमानती वारंट जारी किए है। पिछली कई तारीखों से पेश नहीं होने और प्रार्थना पत्र भी नहीं देने पर अदालत से वारंट जारी किए गए है।
वर्ष 2012 में बड़ौत विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर लोकेश दीक्षित विधायक बने थे। वर्ष 2017 में वह चुनाव हार गए थे। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए थे। लोकेश दीक्षित पर चुनाव के दौरान सिंघावली अहीर थाने में आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ था। इनके अलावा वर्ष 2017 में बागपत विधानसभा सीट से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले करतार सिंह भड़ाना पर बागपत कोतवाली और खेकड़ा थाने में आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2009 में विधायक चुने गए गुड्डू पंडित ने बागपत सीट से अपने भाई मुकेश पंडित को लोकसभा चुनाव लड़ाया था। चुनाव के दौरान गुड्डू पंडित पर बागपत कोतवाली में मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था।
विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट अजय कुमार धामा ने बताया कि इन सभी मामलों की एमपी-एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश सीजेएम प्रीति सिंह सुनवाई कर रही है। यह तीनों पूर्व विधायक कोर्ट में पेश होने की जगह प्रार्थना पत्र देते रहे और इनके बयान अभी तक नहीं हो सके। कई तारीखों से तो प्रार्थना पत्र भी नहीं दिया और पेश भी नहीं हुए। इस कारण एमपी-एमएलए कोर्ट से तीनों के गैर जमानती वारंट जारी किए गए है।
अन्य कई विधायकों के मामलों में होगी सुनवाई
एमपी-एमएलए कोर्ट में अन्य कई विधायक और पूर्व विधायकों के मामलों में जल्द सुनवाई होगी। इस बार के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए है। अधिकतर में पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। जिन पर जल्द सुनवाई शुरू हो सकती है।