मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच करने के लिए सीबीआई की टीम बागपत जेल में पहुंच चुकी हैं। बताया गया कि टीम सीधे जेल के अंदर गई और वहां जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, सीबीआई की टीम दो दिन तक जेल के अंदर जांच करेगी।
ये था मामला
झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी को पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के मामले में बागपत पेशी के लिए लाया गया था और उसे आठ जुलाई को बागपत जेल भेजा गया था। नौ जुलाई 2018 को बागपत जिला जेल में मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मुन्ना बजरंगी के शरीर में 12 गोलियां लगी मिली थीं और उसके शरीर पर कई चोट के निशान मिले थे।
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मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोप बागपत जेल में बंद रहे कुख्यात सुनील राठी पर लगा था। पुलिस ने उस समय खुलाया किया था कि ने सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी की बहस हो गई थी और इसके बाद सुनील राठी ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। मुन्ना बजरंगी पर 40 हत्याओं, लूट, रंगदारी की घटनाओं में शामिल होने के मुकदमे दर्ज थे।
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इस मामले में उसकी पत्नी सीमा सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि जेल प्रशासन ने सुनील राठी से मिलीभगत करके यह हत्या कराई है। इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई थी और उसके बाद सीबीआई जांच के आदेश हुए थे। इसमें कहा गया था कि मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल में क्यों शिफ्ट किया गया था? मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल में शिफ्ट करने से पहले एक जुलाई से छह जुलाई के बीच उससे किन-किन लोगों ने मुलाकात की। इस तरह के कई अन्य बिंदुओं पर जांच होनी थी, लेकिन लखनऊ सीबीआई की जांच कई साल बाद भी लटकी रही तो उसके बाद वह जांच पिछले साल दिल्ली सीबीआई को ट्रांसफर की गई थी।